प्रकाशित: 11 जनवरी 2026राजस्थान
राजस्थान का बमनवास कंकर राज्य की पहली पूर्ण जैविक पंचायत बनी
कोटपुतली-बहरोड़ जिले की बमनवास कंकर पंचायत राजस्थान और उत्तर-पश्चिम भारत की पहली पूरी तरह जैविक प्रमाणित पंचायत बनी। सात बस्तियों से मिलकर बनी यह पंचायत 100% जैविक खेती और पर्यावरण अनुकूल पशुपालन के लिए प्रतिबद्ध हुई तथा रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और कृत्रिम सामग्री का उपयोग बंद किया।
प्रमाणन में COFED ने सहयोग किया, जिसमें 1,500 हेक्टेयर कृषि भूमि और 6,000 मवेशी शामिल हैं। 2 जनवरी 2026 को एक औपचारिक संकल्प समारोह आयोजित किया गया। किसान फसल चक्र, मल्चिंग और जैविक कीट नियंत्रण अपनाते हैं तथा वर्मीकम्पोस्ट और जैविक मृदा सुधारक का उपयोग करते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान और उत्तर-पश्चिम भारत की पहली पूरी तरह जैविक प्रमाणित पंचायत कौन सी बनी?
**कोटपुतली-बहरोड़ जिले** की **बमनवास कंकर पंचायत** राजस्थान और उत्तर-पश्चिम भारत की पहली पूर्ण जैविक प्रमाणित पंचायत बनी। **सात बस्तियों** से बनी इस पंचायत ने **2 जनवरी 2026** को **100% जैविक खेती** और पर्यावरण अनुकूल पशुपालन का संकल्प लिया तथा रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग समाप्त किया।
बमनवास कंकर पंचायत के जैविक प्रमाणन में कितनी कृषि भूमि और मवेशी शामिल हैं?
जैविक प्रमाणन में **1,500 हेक्टेयर कृषि भूमि** और **6,000 मवेशी** शामिल हैं। प्रमाणन की प्रक्रिया **COFED (Cofarmin Federation of Organic Societies and Producer Companies)** के सहयोग से पूरी हुई। यह पंचायत राजस्थान के **कोटपुतली-बहरोड़ जिले** में है।
जैविक प्रमाणन के बाद बमनवास कंकर पंचायत के किसान कौन-सी खेती पद्धतियां अपनाते हैं?
किसान **फसल चक्रण**, **मल्चिंग** और **जैविक कीट नियंत्रण** (ट्रैप्स) अपनाते हैं। **वर्मीकम्पोस्ट** और **जैविक मृदा कंडीशनर** का उपयोग किया जाता है। 1,500 हेक्टेयर और सात बस्तियों से सभी **रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक और कृत्रिम इनपुट** समाप्त कर दिए गए हैं।
COFED क्या है और बमनवास कंकर पंचायत की जैविक खेती उपलब्धि में इसकी क्या भूमिका रही?
**COFED (Cofarmin Federation of Organic Societies and Producer Companies)** वह प्रमाणन संस्था है जिसके सहयोग से **बमनवास कंकर पंचायत का जैविक प्रमाणन** हुआ। प्रमाणन में **कोटपुतली-बहरोड़ जिले** के **1,500 हेक्टेयर** और **6,000 मवेशी** शामिल हैं। औपचारिक संकल्प समारोह 2 जनवरी 2026 को आयोजित हुआ।
राजस्थान के कृषि क्षेत्र के लिए बमनवास कंकर पंचायत का जैविक प्रमाणन क्यों महत्वपूर्ण है?
यह उपलब्धि **राजस्थान के व्यापक जैविक कृषि मिशन के लिए एक मिसाल** है। **उत्तर-पश्चिम भारत की पहली पूरी तरह जैविक प्रमाणित पंचायत** के रूप में यह दिखाती है कि पंचायत स्तर पर **1,500 हेक्टेयर** क्षेत्र और **6,000 मवेशियों** के लिए रासायनिक साधनों का इस्तेमाल खत्म करना संभव है। यह पूरे राज्य में वर्मीकम्पोस्ट और जैविक कीट नियंत्रण अपनाने को प्रोत्साहित करता है।