मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को भारत और जर्मनी ने बर्लिन में अपनी वार्षिक विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) बैठक आयोजित की। इसकी सह-अध्यक्षता विदेश सचिव श्री विक्रम मिस्री और जर्मन संघीय विदेश कार्यालय के राज्य सचिव डॉ. गेजा एंड्रियास वॉन गायर ने की। दोनों सह-अध्यक्षों ने भारत-जर्मनी कूटनीतिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ के लिए आधिकारिक स्मारक लोगो संयुक्त रूप से लॉन्च किया। यह लोगो 1951 में औपचारिक संबंधों की शुरुआत के बाद से तीन-चौथाई शताब्दी पूरे होने का प्रतीक है। एफओसी में व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों, हरित और सतत विकास, गतिशीलता तथा लोगों के आपसी आदान-प्रदान सहित द्विपक्षीय संबंधों के सभी प्रमुख क्षेत्रों की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों, रक्षा-औद्योगिक सहयोग, डिजिटल शासन, अक्षय ऊर्जा एवं हरित हाइड्रोजन, तथा तीसरे देशों में संयुक्त विकास सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति और रूस-यूक्रेन संघर्ष सहित प्रमुख क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। बर्लिन यात्रा के दौरान विदेश सचिव मिस्री ने जर्मनी के विदेश मंत्री डॉ. योहान वडेफुल से भेंट की। डॉ. वडेफुल ने भारत-जर्मनी सामरिक साझेदारी की निरंतर प्रगति की सराहना की, जिसे 2000 में उन्नत किया गया था और जिसने 2025 में अपनी 25वीं वर्षगांठ मनाई थी। मिस्री ने कोर्बर फाउंडेशन में वरिष्ठ विदेश नीति विशेषज्ञों, बुंडेस्टाग के सदस्यों और संघीय एवं राज्य सरकारों के अधिकारियों के साथ भी संवाद किया। यह यात्रा जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज की जनवरी 2026 की भारत यात्रा के बाद हुई और इससे 2026 में आगे होने वाली अगली भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श बैठक की तैयारी में मदद मिलने की उम्मीद है।