पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) ने समुद्री क्षेत्रों पर अल नीनो के संभावित प्रभावों को रेखांकित करने के लिए विशेष अल नीनो बुलेटिन जारी करना आरंभ किया है। पहला विशेष बुलेटिन 22 जून 2026 को आईएनसीओआईएस में आयोजित एक कार्यक्रम में चेवेल्ला संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी द्वारा जारी किया गया। बुलेटिन की पुष्टि के अनुसार अल नीनो की घटना लगातार प्रबल हो रही है और इसके सर्दियों के मौसम (नवंबर 2026 से जनवरी 2027) में चरम पर पहुंचने की संभावना है। परिणामस्वरूप हिंद महासागर में समुद्र सतह का तापमान अप्रैल/मई 2027 तक सामान्य से अधिक बना रहेगा। उत्तरी हिंद महासागर (अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी) में आगामी महीनों में, विशेषकर मार्च-मई 2027 के दौरान, ऊष्मीय दबाव की आशंका है। इससे प्रवाल भित्तियों का विरंजन, समुद्री ऊष्म तरंगों की घटनाएं और मछली पकड़ में कमी बढ़ सकती है, विशेषकर सार्डिन एवं मैकेरल प्रजातियों में, क्योंकि मछलियां उपयुक्त आवासों की ओर पलायन कर सकती हैं अथवा उनका प्रजनन घट सकता है। मानसून के दौरान बंगाल की खाड़ी अशांत रहेगी तथा पूर्वी तट पर तटीय कटाव एवं बाढ़ बढ़ने की संभावना है, जबकि अरब सागर एवं पश्चिमी तट सामान्य से शांत रहेंगे। आईएनसीओआईएस ने सभी समुद्री संचालकों को अलर्ट एवं सलाहों का बारीकी से पालन करने की सलाह दी है। अगला विशेष बुलेटिन जुलाई 2026 के दूसरे सप्ताह में जारी होगा।