प्रकाशित: 26 सितंबर 2025समाचार स्रोतशासन
राष्ट्रपति ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में 24 नए न्यायाधीश नियुक्त किए
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में 24 न्यायाधीशों की नियुक्ति की। इन नियुक्तियों में वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक सरन, गरिमा प्रशाद और सुधांशु चौहान जैसे नाम शामिल हैं। इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में 2 न्यायाधीशों की नियुक्ति हुई और कर्नाटक उच्च न्यायालय में भी न्यायिक नियुक्तियाँ की गईं। 2025 की इस खबर का मुख्य संदर्भ भारतीय न्यायालयों में लंबित मामलों की बड़ी संख्या है, क्योंकि न्यायाधीशों के रिक्त पद भरना न्याय वितरण की गति से सीधे जुड़ा विषय है।
परीक्षा के लिहाज से यह मुद्दा भारतीय संविधान और शासन व्यवस्था, दोनों से जुड़ता है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 217 के तहत राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। इस प्रक्रिया में सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम की सिफारिशों के आधार पर संबंधित राज्य के राज्यपाल और उस उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श भी एक अहम हिस्सा है। इसलिए यह विषय केवल समसामयिकी की एक नियुक्ति-सूचना नहीं, बल्कि संवैधानिक पदों, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, न्यायिक प्रशासन और लंबित मामलों की समस्या को समझने का आधार भी है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय का संदर्भ विशेष महत्त्व रखता है, क्योंकि यह भारत के सबसे बड़े उच्च न्यायालयों में से एक है और लंबित मामलों की दृष्टि से सबसे अधिक बोझ वाले न्यायालयों में गिना जाता है। ऐसे में 24 न्यायाधीशों की नियुक्ति को न्यायिक क्षमता बढ़ाने और मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया को मज़बूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा सकता है। RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में इससे जुड़े प्रश्न नियुक्ति करने वाले प्राधिकारी, अनुच्छेद 217, कॉलेजियम प्रक्रिया, संबंधित उच्च न्यायालयों, नियुक्त व्यक्तियों के नाम और लंबित मामलों के शासन पर प्रभाव जैसे पहलुओं से जुड़े हो सकते हैं।
0
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयविषयराष्ट्रीयपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतसमाचार स्रोत
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नमध्यम
निम्न में से किन वरिष्ठ अधिवक्ताओं को इस बैच में इलाहाबाद उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया?
व्याख्या · सही उत्तर Aलेख में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में नियुक्त 24 न्यायाधीशों में वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक सारण, गरिमा प्रसाद और सुधांशु चौहान का विशेष उल्लेख किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में कितने न्यायाधीश नियुक्त किए?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में 24 न्यायाधीश नियुक्त किए। इनमें वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक सरन, गरिमा प्रशाद और सुधांशु चौहान जैसे नाम शामिल हैं।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अलावा किन उच्च न्यायालयों में नियुक्तियाँ हुईं?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अलावा हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में 2 न्यायाधीश नियुक्त किए गए और कर्नाटक उच्च न्यायालय में भी न्यायिक नियुक्तियाँ की गईं।
इन न्यायिक नियुक्तियों का मुख्य कारण क्या बताया गया है?
इन नियुक्तियों का मुख्य संदर्भ भारतीय न्यायालयों में लंबित मामलों की भारी संख्या है। न्यायाधीशों की नियुक्ति से न्यायिक क्षमता बढ़ाने और मामलों के निस्तारण में मदद मिलने की अपेक्षा रहती है।
भारत में उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति किस संवैधानिक प्रावधान से जुड़ी है?
उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 217 के तहत राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। इसमें सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम की सिफारिशों और संबंधित राज्य के राज्यपाल तथा उस उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श का संदर्भ महत्त्वपूर्ण है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय इस खबर में क्यों महत्त्वपूर्ण है?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय भारत के सबसे बड़े उच्च न्यायालयों में से एक है और लंबित मामलों की दृष्टि से सबसे अधिक बोझ वाले न्यायालयों में गिना जाता है। इसलिए वहाँ 24 नियुक्तियाँ न्यायिक प्रशासन के लिए महत्त्वपूर्ण हैं।