प्रकाशित: 31 अगस्त 2025PIBशासन
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: संवैधानिक महत्व और प्रक्रिया
2025 का उपराष्ट्रपति चुनाव जुलाई 2025 में जगदीप धनखड़ के मध्यावधि इस्तीफे के बाद आवश्यक हुआ। इस चुनाव ने भारत के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद से जुड़े महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधानों को रेखांकित किया। भारत के निर्वाचन आयोग ने यह चुनाव 9 सितंबर 2025 को कराया, जिसमें निर्वाचक मंडल संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्यों से मिलकर बना था। यह राष्ट्रपति चुनाव से अलग है, क्योंकि उसमें राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य भी शामिल होते हैं।
संविधान के अनुच्छेद 66 के तहत, उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से बने निर्वाचक मंडल द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत से किया जाता है। उपराष्ट्रपति का भारत का नागरिक होना, 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका होना, और राज्यसभा के सदस्य के रूप में चुने जाने की योग्यता रखना आवश्यक है।
सी.पी. राधाकृष्णन का 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में चुनाव NDA के मजबूत संसदीय बहुमत को रेखांकित करता है। संविधान के अनुच्छेद 63 और 64 के तहत, उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति के रूप में भी कार्य करता है, इसलिए यह पद संसदीय प्रबंधन और विधायी कार्यवाही के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
महाराष्ट्र, तेलंगाना और झारखंड के राज्यपाल के रूप में राधाकृष्णन का पूर्व अनुभव इस भूमिका के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक और संवैधानिक आधार देता है। वे जगदीप धनखड़ के उत्तराधिकारी हैं, जिन्होंने अगस्त 2022 से 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में कार्य किया था।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: सितंबर 2025 के निर्वाचन के संदर्भ में उपराष्ट्रपति पद से जुड़े अनुच्छेद 63 से 66 के संवैधानिक प्रावधानों की रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
अनुच्छेद 66 संसद के दोनों सदनों के निर्वाचक मंडल को—राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल से अलग—आनुपातिक प्रतिनिधित्व और एकल संक्रमणीय मत से उपराष्ट्रपति चुनने का अधिकार देता है। उम्मीदवार पैंतीस वर्ष का भारतीय नागरिक और राज्यसभा-योग्य हो। अनुच्छेद 63 तथा 64 उन्हें राज्यसभा का पदेन सभापति बनाते हैं, इसलिए संसदीय संचालन में उनकी भूमिका केंद्रीय हो जाती है।
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयविषयराष्ट्रीयपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतPIB
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नमध्यम
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत उपराष्ट्रपति का चुनाव किया जाता है?
व्याख्या · सही उत्तर Cभारतीय संविधान का अनुच्छेद 66 उपराष्ट्रपति के चुनाव से संबंधित है। उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से किया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद उपराष्ट्रपति के चुनाव को नियंत्रित करता है?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 66 में उपराष्ट्रपति के चुनाव का प्रावधान है। इसके अनुसार उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से बने निर्वाचक मंडल द्वारा, आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से एकल संक्रमणीय मत के आधार पर किया जाता है।
2025 का भारत का उपराष्ट्रपति चुनाव किसने जीता?
2025 में भारत का उपराष्ट्रपति चुनाव सी.पी. राधाकृष्णन ने जीता। वे संविधान के प्रावधानों के अनुसार राज्यसभा के पदेन सभापति भी हैं।
भारत के उपराष्ट्रपति की संवैधानिक भूमिका क्या है?
भारत के उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं और इसके सत्रों की अध्यक्षता करते हैं। इसके अलावा, संविधान के अनुच्छेद 65 के अनुसार, राष्ट्रपति के पद की रिक्तता, अनुपस्थिति या बीमारी के दौरान उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति का कार्य करते हैं।
उपराष्ट्रपति चुनाव का निर्वाचक मंडल राष्ट्रपति चुनाव से कैसे भिन्न है?
उपराष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचक मंडल में केवल संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सदस्य शामिल होते हैं, जबकि राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में राज्य विधानसभाओं तथा दिल्ली और पुडुचेरी विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य भी शामिल होते हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव में राज्य विधायक भाग नहीं लेते।
किस अनुच्छेद के तहत उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में कार्यवाहक राष्ट्रपति बनते हैं?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 65 के तहत, राष्ट्रपति पद की रिक्तता या राष्ट्रपति की अनुपस्थिति या बीमारी के कारण कार्य करने में असमर्थता की स्थिति में उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करते हैं।