राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिसंबर 2025 में आर्थिक विकास से जुड़ी कई प्रमुख घोषणाएँ कीं। राइजिंग राजस्थान वैश्विक निवेश सम्मेलन में ₹35 लाख करोड़ के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए थे। इनमें से ₹7 लाख करोड़ की परियोजनाएँ पहले ही धरातल पर उतर चुकी हैं। इसका अर्थ है कि सम्मेलन के लगभग एक वर्ष के भीतर समझौता ज्ञापनों में दर्ज निवेश का 20% धरातल पर उतर चुका है। मुख्यमंत्री शर्मा ने दिसंबर 2025 में राज्य में पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी शुरू करने की भी घोषणा की। यह राजस्थान के औद्योगिक विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने राजस्थान लॉजिस्टिक्स नीति 2025 भी शुरू की। इस नीति का उद्देश्य दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे (DMIC) में राज्य की रणनीतिक स्थिति का लाभ उठाकर पूरे राजस्थान में माल-ढुलाई, भंडारण और रसद की कुशल व कम लागत वाली व्यवस्था विकसित करना है। मुख्यमंत्री शर्मा ने 2030 तक राजस्थान की अर्थव्यवस्था का आकार 350 अरब डॉलर करने का लक्ष्य दोहराया। सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत ₹9,936 करोड़ की लागत से 13.06 लाख ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन दिए और 294 रोजगार मेलों के ज़रिए 93,585 आवेदकों को रोजगार के अवसरों से जोड़ा। उन्होंने सेमीकंडक्टर, रक्षा विनिर्माण, एयरोस्पेस, हरित हाइड्रोजन और टिकाऊ उद्योगों जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए 12 नई औद्योगिक और क्षेत्रीय नीतियाँ लाने की बात भी कही। ये नीतियाँ भारत की नई अर्थव्यवस्था में राजस्थान को अग्रणी स्थान दिला सकती हैं।