निर्वाचन आयोग ने 6 मई 2026 को कहा कि उसके सूचना प्रौद्योगिकी प्लेटफ़ॉर्म ईसीआईनेट ने विधानसभा आम चुनावों और उपचुनावों 2026 में केंद्रीय भूमिका निभाई। आयोग ने बताया कि इस प्लेटफ़ॉर्म से चुनावी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, वास्तविक समय निगरानी, तेज रिपोर्टिंग और चुनाव चक्र के दौरान अधिक पारदर्शिता लाने में मदद मिली। ईसीआईनेट को जनवरी 2026 में आधिकारिक रूप से शुरू किया गया था और यह 10 करोड़ डाउनलोड पार कर चुका है, जबकि इसका बीटा संस्करण नवंबर 2025 में बिहार चुनावों में इस्तेमाल हुआ था। विज्ञप्ति में चुनावी अवधि के दौरान इस प्लेटफ़ॉर्म पर आए डिजिटल ट्रैफिक के पैमाने को रेखांकित किया गया। मतदान दिवसों, यानी 9 अप्रैल, 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को ईसीआईनेट ने 98.3 करोड़ से अधिक हिट दर्ज किए। मतगणना दिवस, 4 मई 2026 को, प्लेटफ़ॉर्म ने प्रति मिनट औसतन 3 करोड़ हिट दर्ज किए। आयोग ने यह भी कहा कि ईसीआईनेट के साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल ने मतगणना दिवस पर 68 लाख से अधिक दुर्भावनापूर्ण हिटों को प्रभावी रूप से रोका। ये प्रयास भारत के भीतर और विदेश से आए थे तथा परिणाम पोर्टल सहित प्रमुख चुनावी प्लेटफ़ॉर्मों को निशाना बना रहे थे। विज्ञप्ति में मतगणना केंद्रों पर एक नई सुरक्षा व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया: इन चुनावों में ईसीआईनेट से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहली बार क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली का उपयोग हुआ। मतगणना दिवस पर 3.2 लाख से अधिक क्यूआर कोड बनाए गए, ताकि केवल अधिकृत कर्मियों को मतगणना स्थलों तक पहुंच मिले और अनधिकृत प्रवेश रोका जा सके। परीक्षा की दृष्टि से यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उच्च दबाव वाले चुनावी आयोजनों में परिचालन दक्षता, मतदाता-सूचना ट्रैफिक प्रबंधन, मतगणना केंद्रों पर प्रवेश नियंत्रण और साइबर सुरक्षा को जोड़ते हुए तकनीक-सहायित चुनाव प्रशासन की ओर निर्वाचन आयोग की प्रगति दिखाता है।
निर्वाचन आयोग ने 6 मई 2026 को कहा कि ईसीआईनेट से विधानसभा आम चुनावों और उपचुनावों 2026 में मदद मिली; प्लेटफ़ॉर्म ने 10 करोड़ डाउनलोड पार किए और मतगणना दिवस पर 68 लाख दुर्भावनापूर्ण हिट रोके
निर्वाचन आयोग ने कहा कि ईसीआईनेट ने 2026 के विधानसभा चुनावों और उपचुनावों में तत्काल निगरानी, तेज रिपोर्टिंग और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद की। जनवरी 2026 में शुरू हुए इस प्लेटफ़ॉर्म ने 10 करोड़ डाउनलोड पार किए और मतदान दिवसों पर 98.3 करोड़ से अधिक हिट संभाले। इसने मतगणना दिवस पर 68 लाख से अधिक दुर्भावनापूर्ण हिट रोके और मतगणना केंद्रों पर QR कोड फोटो पहचान पत्र इस्तेमाल किए।
मुख्य तथ्य
- निर्वाचन आयोग ने 6 मई 2026 को कहा कि ईसीआईनेट ने विधानसभा आम चुनावों और उपचुनावों 2026 के प्रबंधन में सहायता की।
- मंच ने चुनावी प्रक्रियाओं में वास्तविक समय निगरानी, तेज रिपोर्टिंग और पारदर्शिता का समर्थन किया।
- ईसीआईनेट जनवरी 2026 में आधिकारिक रूप से शुरू हुआ और 10 करोड़ डाउनलोड पार कर चुका है।
- इसका बीटा संस्करण नवंबर 2025 में बिहार चुनावों में इस्तेमाल हुआ था।
- मतदान दिवसों, 9 अप्रैल, 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को ईसीआईनेट ने 98.3 करोड़ से अधिक हिट दर्ज किए।
- मतगणना दिवस, 4 मई 2026 को इसने प्रति मिनट औसतन 3 करोड़ हिट दर्ज किए और 68 लाख से अधिक दुर्भावनापूर्ण हिट रोके।
- क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली ने मतगणना-केंद्र प्रवेश नियंत्रण के लिए 3.2 लाख से अधिक क्यूआर कोड बनाए।
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इन चुनावों में ईसीआईनेट से मतगणना केंद्रों पर पहली बार कौन-सी नई सुरक्षा प्रणाली उपयोग हुई?
ईसीआईनेट पर क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र मॉड्यूल 4 मई 2026 की मतगणना के लिए शुरू किया गया और आगे लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं के सामान्य एवं उपचुनावों में लागू किया जाएगा। अन्य विकल्प विज्ञप्ति में नहीं बताए गए।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस विज्ञप्ति में ईसीआईनेट क्या है?
यह निर्वाचन आयोग का सूचना प्रौद्योगिकी प्लेटफ़ॉर्म है, जिससे चुनावी प्रक्रियाओं, निगरानी और रिपोर्टिंग को सुव्यवस्थित करने तथा पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिली।
ईसीआईनेट आधिकारिक रूप से कब शुरू हुआ?
यह जनवरी 2026 में आधिकारिक रूप से शुरू हुआ, जबकि इसका बीटा संस्करण नवंबर 2025 में बिहार चुनावों में इस्तेमाल हुआ था।
मतदान दिवसों पर ईसीआईनेट ने कितने हिट दर्ज किए?
इस पर 9 अप्रैल, 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 के मतदान दिवसों पर 98.3 करोड़ से अधिक हिट दर्ज हुए।
मतगणना केंद्रों के लिए कौन सी सुरक्षा व्यवस्था शुरू की गई?
ईसीआईनेट से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहली बार क्यूआर कोड पर आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली का उपयोग हुआ।
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