भारत निर्वाचन आयोग ने 30 अप्रैल 2026 को ईसीआईनेट पर क्यूआर कोड-आधारित फोटो पहचान पत्र मॉड्यूल की घोषणा की, ताकि अनधिकृत व्यक्तियों को मतगणना केंद्रों में प्रवेश से रोका जा सके। यह व्यवस्था 4 मई 2026 को असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी की विधानसभाओं के आम चुनावों की मतगणना तथा 5 राज्यों के 7 विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनावों की मतगणना से लागू होगी। आयोग ने कहा कि बाद में इसे लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के सभी भावी आम चुनावों और उपचुनावों तक बढ़ाया जाएगा।
यह पहल मतगणना स्थलों पर पहले से नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था में डिजिटल सत्यापन का एक अतिरिक्त स्तर जोड़ती है। यह आयोग द्वारा पिछले एक वर्ष में किए गए 30 से अधिक उपायों के बाद लाई गई है, जिनमें बूथ स्तर अधिकारियों के लिए मानकीकृत क्यूआर कोड-आधारित फोटो पहचान पत्र शामिल थे। मतगणना केंद्रों के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा तंत्र तय किया गया है। पहले और दूसरे स्तर पर रिटर्निंग अधिकारी द्वारा जारी फोटो पहचान पत्रों की मैनुअल जांच होगी। मतगणना हॉल के पास तीसरे और सबसे आंतरिक घेरे में प्रवेश सफल क्यूआर कोड स्कैनिंग के बाद ही मिलेगा।
नए कार्ड उन श्रेणियों के व्यक्तियों के लिए लागू होंगे जिन्हें आयोग ने मतगणना केंद्रों और हॉल में प्रवेश की अनुमति दी है। इनमें रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी, मतगणना कर्मचारी, तकनीकी कर्मी, उम्मीदवार, चुनाव एजेंट और मतगणना एजेंट सहित अन्य लोग शामिल हैं। प्रत्येक मतगणना केंद्र में मतगणना हॉल के पास मीडिया केंद्र बनाया जाएगा, जबकि मीडिया का प्रवेश मौजूदा निर्देशों के तहत आयोग के प्राधिकार पत्रों के आधार पर जारी रहेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने तथा निर्धारित जांच बिंदुओं पर प्रशिक्षित कर्मी तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
