बजरंग सेतु उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा पर बन रहा भारत का पहला कांच का झूला पुल है। यह ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला की जगह विकसित किया जा रहा है और इसे दिसंबर 2025 तक खोलने की तैयारी बताई गई है। पुल से गंगा के विस्तृत दृश्य दिखाई देंगे, इसलिए यह केवल यातायात सुविधा नहीं, बल्कि ऋषिकेश के पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़ा महत्वपूर्ण अपडेट भी है।

परीक्षा की दृष्टि से यह तथ्य कई स्तरों पर उपयोगी है। पहला, स्थान-आधारित प्रश्नों में ऋषिकेश, उत्तराखंड और गंगा नदी का संबंध सीधे पूछा जा सकता है। दूसरा, पुराने लक्ष्मण झूला के स्थान पर आधुनिक कांच के झूला पुल का निर्माण बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और पर्यटन विकास का उदाहरण बनता है। तीसरा, इसे भारत का पहला कांच का झूला पुल कहा गया है, इसलिए यह याद रखने योग्य समसामयिकी तथ्य है।

RAS, UPSC और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में इसे स्थान और विशेषता आधारित समसामयिकी की तरह पढ़ना बेहतर है। गंगा नदी-तंत्र, उत्तराखंड के हिमालयी नगरों और धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन से इसका सीधा संबंध बनता है। पर्यटन-आधारित स्थानीय विकास और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के उदाहरण के रूप में भी इसे इस्तेमाल किया जा सकता है। मुख्य परीक्षा के छोटे उत्तर में बजरंग सेतु को धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन, नदी-तटीय शहरों में संपर्क और आधुनिक इंजीनियरिंग के संयोजन के रूप में लिखा जा सकता है। याद रखने के लिए सबसे सुरक्षित तथ्य हैं: बजरंग सेतु, ऋषिकेश, उत्तराखंड, गंगा, लक्ष्मण झूला की जगह, भारत का पहला कांच का झूला पुल और दिसंबर 2025 की समय-सीमा।