भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा घोषित; भारत पर अमेरिकी पारस्परिक शुल्क घटाकर 18% किया
6–7 फरवरी 2026 को भारत-अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा घोषित किया — अमेरिका ने भारत पर पारस्परिक शुल्क 25% से घटाकर 18% किया; भारत अमेरिकी कृषि और औद्योगिक उत्पादों पर शुल्क घटाएगा। रत्न, फार्मा और वस्त्र क्षेत्रों को लाभ।
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RAS के लिए मुख्य बिंदु
- 6–7 फरवरी 2026 को भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते (ITA) की रूपरेखा घोषित की।
- अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर पारस्परिक शुल्क 25% से घटाकर 18% किया।
- भारत ने अमेरिकी कृषि उत्पादों, औद्योगिक वस्तुओं, वाइन और स्पिरिट पर शुल्क घटाने पर सहमति दी।
- भारत के लिए लाभ पाने वाले प्रमुख क्षेत्र: रत्न और आभूषण, फार्मास्यूटिकल्स और वस्त्र।
- ITA दोनों देशों के बीच व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में पहला कदम है।
- व्यापार वार्ता WTO ढांचे के अंतर्गत; भारत की व्यापार नीति वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय बनाती है।
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6–7 फरवरी 2026 को भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने द्विपक्षीय अंतरिम व्यापार समझौते (ITA) के ढांचे की घोषणा की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत भारतीय आयात पर अतिरिक्त 25% IEEPA-आधारित पारस्परिक शुल्क समाप्त कर 18% कर दिया गया। यह 7 फरवरी 2026 से प्रभावी हुआ। यह समझौता भारत की रूसी तेल आयात बंद करने और अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता के बाद हुआ।
इस ढांचे के तहत भारत ने सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और व्यापक कृषि उत्पादों — DDGs, लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल और शराब — पर शुल्क समाप्त या कम करने पर सहमति जताई। बदले में अमेरिका भारतीय वस्त्र, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक, जैविक रसायन, गृह सज्जा और हस्तशिल्प उत्पादों पर 18% पारस्परिक शुल्क लगाएगा। व्हाइट हाउस के संयुक्त बयान में इसे 'ऐतिहासिक' कदम बताया गया। राजस्थान रत्न, आभूषण, संगमरमर और वस्त्रों का प्रमुख निर्यातक है, इसलिए यह शुल्क कटौती उसके लिए नई आर्थिक संभावनाएं खोलती है।
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समसामयिकी पैक देखेंअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता (ITA) ढांचा कब घोषित हुआ और मुख्य शुल्क परिवर्तन क्या था?
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा 6–7 फरवरी 2026 को घोषित हुआ। इस ढांचे के तहत अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर पारस्परिक शुल्क 25% से घटाकर 18% कर दिया।
2 भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के तहत भारत ने क्या रियायतें देने पर सहमति जताई?
भारत ने अमेरिकी कृषि उत्पादों, औद्योगिक वस्तुओं, वाइन और स्पिरिट पर शुल्क घटाने पर सहमति दी।
3 भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते से भारत के कौन से क्षेत्रों को सबसे अधिक लाभ होगा?
ITA के तहत भारत में सबसे अधिक लाभ पाने वाले प्रमुख क्षेत्र रत्न एवं आभूषण, फार्मास्यूटिकल्स और वस्त्र हैं, क्योंकि ये क्षेत्र अमेरिकी निर्यात बाजार पर बहुत अधिक निर्भर हैं।
4 द्विपक्षीय व्यापार के व्यापक संदर्भ में भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का क्या महत्व है?
ITA भारत और अमेरिका के बीच व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में पहला कदम है। व्यापक समझौते पर वार्ता जारी रहने के दौरान यह व्यापार बाधाओं को कम करने का आधार देता है।
5 भारत की व्यापार नीति बनाने और व्यापार समझौतों पर वार्ता करने के लिए कौन सा मंत्रालय उत्तरदायी है?
भारत की व्यापार नीति वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय बनाता है, और व्यापार वार्ताएँ विश्व व्यापार संगठन (WTO) के ढांचे के अंतर्गत होती हैं।
मुख्य परीक्षा का पहलू
RAS मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न एवं आदर्श उत्तर
प्रश्न: राजस्थान संदर्भ में भारतीय निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे के रणनीतिक एवं क्षेत्रीय निहितार्थों पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
6-7 फरवरी 2026 को भारत-अमेरिका ने द्विपक्षीय अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा घोषित किया। राष्ट्रपति ट्रम्प के कार्यकारी आदेश ने भारतीय वस्तुओं पर आईईईपीए पारस्परिक शुल्क 25% से घटाकर 18% किया, जो 7 फरवरी से लागू है। भारत अमेरिकी औद्योगिक एवं कृषि उत्पादों पर शुल्क घटाएगा; राजस्थान के रत्न, आभूषण, संगमरमर तथा वस्त्र निर्यात को लाभ होगा।
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