महाराष्ट्र ने 'सक्षम' शुरू की, जो भारत की पहली कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित कौशल जनगणना है। इसका लक्ष्य 18-40 वर्ष के युवाओं के कौशल और रोज़गार की संभावनाओं का बेहतर आकलन करना है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से युवाओं के कौशल का आकलन किया जाता है, कमियों की पहचान की जाती है और उन्हें उपयुक्त कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा रोज़गार के अवसरों से जोड़ा जाता है।

यह पहल महाराष्ट्र के सभी 36 जिलों में लागू है और इसका उद्देश्य कुशल तथा अर्ध-कुशल कामगारों का विस्तृत डेटाबेस तैयार करना है। यह मॉडल राजस्थान सहित दूसरे राज्यों के लिए भी उपयोगी मिसाल बन सकता है। राजस्थान कौशल और आजीविका विकास निगम के ज़रिए कौशल विकास की पहलें चलाकर राज्य युवा बेरोज़गारी की समस्या से निपटना चाहता है।