प्रकाशित: 4 मार्च 2026शासन
महाराष्ट्र ने भारत की पहली कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित कौशल जनगणना 'सक्षम' शुरू की
महाराष्ट्र ने 'सक्षम' शुरू की, जो भारत की पहली कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित कौशल जनगणना है। इसका लक्ष्य 18-40 वर्ष के युवाओं के कौशल और रोज़गार की संभावनाओं का बेहतर आकलन करना है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से युवाओं के कौशल का आकलन किया जाता है, कमियों की पहचान की जाती है और उन्हें उपयुक्त कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा रोज़गार के अवसरों से जोड़ा जाता है।
यह पहल महाराष्ट्र के सभी 36 जिलों में लागू है और इसका उद्देश्य कुशल तथा अर्ध-कुशल कामगारों का विस्तृत डेटाबेस तैयार करना है। यह मॉडल राजस्थान सहित दूसरे राज्यों के लिए भी उपयोगी मिसाल बन सकता है। राजस्थान कौशल और आजीविका विकास निगम के ज़रिए कौशल विकास की पहलें चलाकर राज्य युवा बेरोज़गारी की समस्या से निपटना चाहता है।
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धनतेरस, 18 अक्टूबर 2025 को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसानों के खातों में कितनी राशि भेजी?
व्याख्या · सही उत्तर Cधनतेरस, 18 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की चौथी किस्त के रूप में लगभग 71.79 लाख किसानों के खातों में 717.96 करोड़ रुपये भेजे। इसलिए विकल्प C सही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
महाराष्ट्र की 'सक्षम' पहल क्या है और इसे भारत की पहली कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित कौशल जनगणना क्यों कहा जाता है?
**महाराष्ट्र की 'सक्षम'** **भारत की पहली कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित कौशल जनगणना** है। यह **18-40 वर्ष** के युवाओं के कौशल और रोज़गार की संभावनाओं का आकलन करती है। इसमें **कृत्रिम बुद्धिमत्ता** की मदद से कौशल का आकलन और कमियों की पहचान की जाती है तथा महाराष्ट्र के सभी **36 जिलों** में युवाओं को उपयुक्त कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा जाता है।
महाराष्ट्र की 'सक्षम' कौशल जनगणना किस आयु वर्ग के लिए है?
महाराष्ट्र की **'सक्षम'** कौशल जनगणना **18-40 वर्ष** के युवाओं के लिए है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से उनके कौशल का आकलन किया जाता है और उन्हें महाराष्ट्र के सभी **36 जिलों** में उपयुक्त **कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों और रोज़गार के अवसरों** से जोड़ा जाता है। इससे कुशल और अर्ध-कुशल कामगारों का विस्तृत डेटाबेस तैयार होगा।
महाराष्ट्र की 'सक्षम' कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित कौशल जनगणना कितने जिलों में लागू है?
महाराष्ट्र की **'सक्षम'** कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित कौशल जनगणना राज्य के सभी **36 जिलों** में लागू है। इसका उद्देश्य **कुशल और अर्ध-कुशल कामगारों** का विस्तृत डेटाबेस तैयार करना है। कौशल विकास के ज़रिए युवा बेरोज़गारी कम करने में यह मॉडल **राजस्थान** सहित दूसरे राज्यों के लिए भी उपयोगी हो सकता है।
क्या महाराष्ट्र की 'सक्षम' कौशल जनगणना का तरीका राजस्थान में अपनाया जा सकता है?
हाँ, महाराष्ट्र की **'सक्षम'** कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित कौशल जनगणना का मॉडल कौशल विकास के ज़रिए युवा बेरोज़गारी कम करने के लिए **राजस्थान** और दूसरे राज्य अपना सकते हैं। राजस्थान में युवा बेरोज़गारी एक गंभीर समस्या है और **18-40 वर्ष** के युवाओं के कौशल और रोज़गार की संभावनाओं का इसी तरह कृत्रिम बुद्धिमत्ता से आकलन करना उसके लिए उपयोगी हो सकता है।
महाराष्ट्र की 'सक्षम' कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित कौशल जनगणना रोज़गार के क्षेत्र में क्या हासिल करना चाहती है?
**महाराष्ट्र की 'सक्षम' पहल** के लक्ष्य हैं: (1) कुशल और अर्ध-कुशल कामगारों का **विस्तृत डेटाबेस** तैयार करना; (2) **कौशल की कमियों** की पहचान करना; (3) युवाओं को **उपयुक्त प्रशिक्षण और नौकरियों** से जोड़ना; और (4) **18-40 वर्ष** के युवाओं के लिए सभी **36 जिलों** में काम करना। कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित यह भारत की पहली सुनियोजित पहल है, जो बड़े पैमाने पर कामगारों के कौशल का डिजिटल ब्योरा तैयार करती है।