डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के ग्यारह वर्ष पूरे होने पर 11 जुलाई 2026 को जारी विज्ञप्ति में सरकार ने eSaras को ग्रामीण डिजिटल वाणिज्य की एक प्रमुख उपलब्धि के रूप में सामने रखा। eSaras ग्रामीण विकास मंत्रालय का आधिकारिक ई-कॉमर्स मंच है, जिसे दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत चलाया जाता है। इसे MeitY के अधीन Digital India Corporation (DIC) ने ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से तैयार किया है।
यह मंच स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमियों, उत्पादक समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को अपने उत्पाद सीधे देश भर के ग्राहकों तक बेचने की सुविधा देता है। DAY-NRLM से आज 8.99 करोड़ से अधिक पंजीकृत स्वयं सहायता समूह सदस्य जुड़े हैं, जो इसे दुनिया की सबसे बड़ी महिलाओं के नेतृत्व वाली आजीविका व्यवस्थाओं में शामिल करता है। eSaras पर 1,400 से अधिक उत्पाद सूचीबद्ध हैं, जिनमें चिप्स, पापड़, शहद, मसाले, हथकरघा और दस्तकारी की वस्तुएँ शामिल हैं। ONDC से जुड़े खरीदार ऐप के ज़रिये 800 से अधिक खरीदार इन उत्पादों तक पहुँच रहे हैं, और समूहों के उत्पाद ONDC से एकीकृत 11 या उससे अधिक खरीदार ऐप पर उपलब्ध हैं। हर साल 50 से अधिक सरस मेले भी लगाए जाते हैं।
कामकाज के स्तर पर eSaras LokOS के माध्यम से डिजिटल पंजीकरण, ऑनलाइन उत्पाद सूची, भंडार प्रबंधन, सुरक्षित डिजिटल भुगतान, एकीकृत ढुलाई और ऑर्डर प्रबंधन देता है, जबकि BHASHINI से बहुभाषी पहुँच मिलती है। यह UMANG तथा API आधारित डिजिटल सत्यापन सेवाओं से भी जुड़ा है। इसका वेब पोर्टल 28 अक्टूबर 2022 को और एंड्रॉयड ऐप 28 जून 2023 को शुरू हुआ था।
बिचौलियों पर निर्भरता घटाकर और राष्ट्रीय बाज़ार तक सीधी पहुँच देकर eSaras ग्रामीण उत्पादकों की आमदनी बढ़ाता है, कच्ची उपज को डिब्बाबंद खाद्य उत्पादों में बदलने जैसे मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देता है और 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य को सहारा देता है।
