प्रकाशित: 10 जुलाई 2026PIBशासन
तीसरा NAMASTE दिवस 14 जुलाई को, मुख्य समारोह कोलकाता में दिव्य कला मेला के साथ
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 11 जुलाई 2026 को घोषणा की कि तीसरा NAMASTE दिवस 14 जुलाई 2026 को मनाया जाएगा। NAMASTE यानी मशीनीकृत स्वच्छता तंत्र के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना की शुरुआत सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने 2023-24 में की थी, इसलिए यह आयोजन योजना के तीन वर्ष पूरे होने का अवसर है।
मुख्य समारोह दिव्य कला मेला के साथ पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित रवींद्र सदन में होगा, जबकि देश भर की शहरी स्थानीय निकायों में समानांतर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के इसमें शामिल होने की संभावना है। मंत्री, सांसद, विधायक, केंद्र और राज्य के वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि तथा राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम की भागीदारी भी अपेक्षित है।
NAMASTE दिवस पर शहरी स्थानीय निकाय सफाई कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े कार्यक्रम कराएंगे, जिनमें व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जांच शिविर, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायता, मशीनीकृत सफाई उपकरणों और सुरक्षा किट का प्रदर्शन तथा सफाई कर्मचारियों का सम्मान शामिल है।
यह दिवस सफाई कर्मचारियों को सम्मान देने के लिए है, जिनमें सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारी, कचरा बीनने वाले तथा हाथ से मैला ढोने की प्रथा से मुक्त हुए कर्मचारी शामिल हैं। ये कर्मचारी सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्वच्छता की रक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं। योजना का मकसद उनकी गरिमा, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा मशीनीकृत सफाई, खतरनाक सफाई प्रथाओं की समाप्ति, सुरक्षा उपकरण, कौशल विकास और स्थायी आजीविका के अवसरों के जरिए उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
योजना के अपेक्षित नतीजों में सफाई के काम में एक भी मौत न होना, कर्मचारियों का मानव मल से सीधा संपर्क पूरी तरह खत्म करना, सभी सफाई कार्य सुरक्षा उपकरणों से कराना, सफाई का काम केवल कुशल कर्मचारियों से कराना, आपातकालीन स्वच्छता प्रतिक्रिया इकाइयों यानी ERSU को मजबूत बनाना तथा स्वयं सहायता समूहों और उद्यमिता के जरिए सफाई कर्मचारियों को सशक्त करना शामिल है। मंत्रालय के अनुसार यह आयोजन ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों के कल्याण को प्राथमिकता देने और देश भर में सुरक्षित, समावेशी तथा गरिमापूर्ण स्वच्छता तंत्र बनाने की प्रतिबद्धता दर्शाता है।
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जुड़ा प्रश्नआसान
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जुलाई 2026 में घोषित तीसरे NAMASTE दिवस के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. NAMASTE का पूरा नाम मशीनीकृत स्वच्छता तंत्र के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना है।
2. तीसरे NAMASTE दिवस का मुख्य समारोह दिव्य कला मेला के साथ पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित रवींद्र सदन में होगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या · सही उत्तर Cदोनों कथन सही हैं, इसलिए उत्तर C है।
कथन 1 सही है: NAMASTE का पूरा नाम मशीनीकृत स्वच्छता तंत्र के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना है। इस योजना को सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने 2023-24 में शुरू किया था, ताकि सफाई कर्मचारियों की गरिमा, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कथन 2 सही है: 14 जुलाई 2026 को तीसरे NAMASTE दिवस का मुख्य समारोह दिव्य कला मेला के साथ पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित रवींद्र सदन में होना तय है, जबकि देश भर की शहरी स्थानीय निकायों में समानांतर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विकल्प A गलत है, क्योंकि यह कथन 2 को छोड़ देता है, जो सही है। विकल्प B गलत है, क्योंकि यह कथन 1 को छोड़ देता है, जबकि NAMASTE का पूरा नाम सही दिया गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि दोनों में से कोई कथन गलत नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NAMASTE का पूरा नाम क्या है?
NAMASTE का पूरा नाम है मशीनीकृत स्वच्छता तंत्र के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना। इसे सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने 2023-24 में शुरू किया था, ताकि सफाई कर्मचारियों की गरिमा, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो और वे सामाजिक तथा आर्थिक रूप से मजबूत बनें।
तीसरा NAMASTE दिवस कब और कहां मनाया जाएगा?
यह 14 जुलाई 2026 को मनाया जाएगा। मुख्य समारोह दिव्य कला मेला के साथ पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित रवींद्र सदन में होगा, जबकि देश भर की शहरी स्थानीय निकायों में समानांतर कार्यक्रम आयोजित होंगे।
NAMASTE योजना किस मंत्रालय के अधीन है?
यह केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अधीन है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम भी इस आयोजन से जुड़ी संस्थाओं में शामिल है।
NAMASTE दिवस किन्हें सम्मान देता है?
यह सफाई कर्मचारियों को सम्मान देता है, जिनमें सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारी, कचरा बीनने वाले तथा हाथ से मैला ढोने की प्रथा से मुक्त हुए कर्मचारी शामिल हैं। ये कर्मचारी सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्वच्छता की रक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं।
NAMASTE योजना के अपेक्षित परिणाम क्या हैं?
सफाई के काम में एक भी मौत न होना, कर्मचारियों का मानव मल से सीधा संपर्क खत्म करना, सभी सफाई कार्य सुरक्षा उपकरणों से कराना, सफाई का काम केवल कुशल कर्मचारियों से कराना, आपातकालीन स्वच्छता प्रतिक्रिया इकाइयों को मजबूत बनाना तथा स्वयं सहायता समूहों और उद्यमिता के जरिए कर्मचारियों का सशक्तीकरण।