बजरंग सेतु उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा पर बन रहा काँच वाला सस्पेंशन पुल है। इसका महत्व इसलिए है कि इसे भारत का पहला काँच वाला सस्पेंशन पुल बताया गया है और यह ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला की जगह ले रहा है। लक्ष्मण झूला लंबे समय तक ऋषिकेश की पहचान रहा और पैदल आवागमन व पर्यटन का बड़ा केंद्र रहा, लेकिन सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आधुनिक पर्यटन अनुभव को ध्यान में रखते हुए उसके स्थान पर नया पुल तैयार किया जा रहा है। इसके खुलने की समय-सीमा दिसंबर 2025 है; इसलिए परीक्षा की दृष्टि से इसे 2025 की राष्ट्रीय समसामयिकी, पर्यटन, राज्य अर्थव्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर अपडेट के रूप में पढ़ना चाहिए।

इस पुल के बारे में प्रमुख तथ्य सीधे प्रीलिम्स में पूछे जा सकते हैं: स्थान ऋषिकेश, राज्य उत्तराखंड, नदी गंगा, पुराना पुल लक्ष्मण झूला और परियोजना का नाम बजरंग सेतु। पुल 132 मीटर लंबा और 8 मीटर चौड़ा है। इसमें दोपहिया वाहनों के लिए 5 मीटर का स्टील डेक और पैदल यात्रियों के लिए दोनों ओर 1.5 मीटर चौड़े काँच के रास्ते बताए गए हैं। 66 मिमी मोटे पारदर्शी काँच से गंगा का दृश्य दिखेगा, इसलिए यह पर्यटन और इंजीनियरिंग, दोनों दृष्टि से चर्चा में है।

RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में यह मुद्दा केवल पर्यटन समाचार नहीं है। इससे शहरी-पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर, विरासत स्थल के पास आधुनिक निर्माण, सार्वजनिक सुरक्षा, राज्य अर्थव्यवस्था में पर्यटन की भूमिका और नदी-आधारित शहरों में कनेक्टिविटी जैसे विषय जुड़ते हैं। स्टैटिक जीके के लिए गंगा, ऋषिकेश और उत्तराखंड की अवस्थिति को मैप पर जोड़कर पढ़ना उपयोगी रहेगा।