भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने 22 नवंबर 2025 को ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-भारत प्रौद्योगिकी व नवाचार (ACITI) साझेदारी शुरू की। यह एक नया त्रिपक्षीय तंत्र है, जिसकी घोषणा जोहान्सबर्ग में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी संयुक्त वक्तव्य से की गई। रात 9:21 बजे जारी प्रेस सूचना ब्यूरो की विज्ञप्ति में पुष्टि की गई कि तीनों पक्षों ने महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों पर सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई है। यह सहयोग तीनों देशों के बीच चल रही द्विपक्षीय पहलों का पूरक होगा। साझेदारी में तीनों अर्थव्यवस्थाओं की स्वाभाविक क्षमताओं का उपयोग किया जाएगा, जिसमें हरित ऊर्जा नवाचार और महत्वपूर्ण खनिजों सहित लचीली आपूर्ति श्रृंखलाएँ बनाने पर विशेष बल है। इसे नेट-ज़ीरो प्रतिबद्धताओं की दिशा में रणनीतिक सहयोग को गहरा करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं के विविधीकरण को सुरक्षित, टिकाऊ व लचीले भविष्य की ओर ले जाने के लिए तैयार किया गया है। एक अलग कार्यक्षेत्र नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास और उसके व्यापक इस्तेमाल की संभावनाएँ भी देखेगा। तीनों सरकारों ने सहमति जताई कि अधिकारी 2026 की पहली तिमाही में इस पहल को आगे बढ़ाने और ढांचे को लागू करने के लिए बैठक करेंगे। यह शुरुआत जी20 में वैश्विक दक्षिण की समानता के लिए भारत के समानांतर प्रयास की पृष्ठभूमि में हुई और द्विपक्षीय ऑस्ट्रेलिया-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी तथा प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के तहत नए सिरे से बने भारत-कनाडा जुड़ाव पर आधारित है। विश्लेषक ACITI को बड़े समूहों की व्यवस्थाओं के छोटे-समूह विकल्प के रूप में देखते हैं, जिसका ध्यान महत्वपूर्ण खनिज सुरक्षा और AI शासन पर है।