11 दिसंबर 2025 को केरल में स्थानीय निकाय (पंचायत और नगरपालिका) चुनावों का दूसरा चरण हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कन्नूर में मतदान किया। केरल के स्थानीय निकाय चुनाव विकेंद्रीकृत शासन और 73वें व 74वें संविधान संशोधन अधिनियमों के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं। केरल पंचायती राज विकेंद्रीकरण में लगातार अग्रणी राज्यों में रहा है। 1996 में LDF सरकार के जन नियोजन अभियान के तहत 3F — कार्य, कार्मिक और निधि — स्थानीय निकायों को सौंपे गए। केरल के योजना बोर्ड ने राज्य योजना निधि का 30% से अधिक हिस्सा स्थानीय निकायों को आवंटित किया। राजस्थान का पंचायती राज संदर्भ: राजस्थान पंचायती राज संस्थाओं में अग्रणी था — बलवंत राय मेहता समिति (1957) की सिफारिशों को पहले नागौर, राजस्थान में 2 अक्टूबर 1959 को तत्कालीन CM मोहनलाल सुखाड़िया द्वारा लागू किया गया। राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 वर्तमान त्री-स्तरीय प्रणाली — ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद — को नियंत्रित करता है।