वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी व्यापार आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में भारत का वस्तु निर्यात 18 प्रतिशत बढ़कर 45.2 अरब डॉलर हो गया, जो मई 2025 के 38.3 अरब डॉलर से अधिक है और यह छह माह का उच्चतम स्तर है। पिछले बारह माह में रुपये में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट तथा पश्चिम एशिया क्षेत्र को निर्यात में आंशिक सुधार से इस वृद्धि को सहारा मिला। आयात भी 20.62 प्रतिशत बढ़कर 73.41 अरब डॉलर हो गया, जिससे व्यापार घाटा एक वर्ष पूर्व के 22.56 अरब डॉलर से बढ़कर 28.21 अरब डॉलर हो गया। एक उल्लेखनीय बात यह रही कि अमेरिका से आयात 54.43 प्रतिशत बढ़कर 5.87 अरब डॉलर हो गया, क्योंकि पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच भारत ने ऊर्जा आयात बढ़ा दिया। हालांकि भारत के सबसे बड़े बाजार अमेरिका को निर्यात में एक प्रतिशत से भी कम वृद्धि हुई। वस्तुओं में इलेक्ट्रॉनिक सामान का निर्यात 11.62 प्रतिशत बढ़कर 5.09 अरब डॉलर और पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 54.89 प्रतिशत बढ़कर 8.42 अरब डॉलर हो गया, जबकि चाय, तंबाकू, मसाले, काजू, समुद्री उत्पाद, चमड़ा और वस्त्र में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। मई में तेल आयात 53.8 प्रतिशत बढ़कर 22.67 अरब डॉलर हो गया, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहीं। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि क्षेत्रीय व्यवधानों के बावजूद मई में पश्चिम एशिया को निर्यात लगभग पिछले वर्ष के स्तर तक पहुंच गया।