26 फरवरी 2026 को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 1 मई 2026 से प्रभावी एक परिपत्र जारी किया, जिसमें सभी पंजीकृत बाजार मध्यस्थों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिभूति-संबंधित सामग्री साझा करते समय अपना SEBI पंजीकरण नाम और संख्या बताना अनिवार्य किया गया। यह दायित्व स्टॉकब्रोकर, म्यूचुअल फंड हाउस, निवेश सलाहकार, पोर्टफोलियो प्रबंधक और अनुसंधान विश्लेषकों सहित सभी SEBI-पंजीकृत संस्थाओं पर लागू है।

यह आदेश यूट्यूब, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक सहित प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लागू होगा। इसका उद्देश्य अधिकृत और विनियमित संस्थाओं को अपंजीकृत वित्तीय प्रभावशाली व्यक्तियों ('फिनफ्लुएंसर्स') से अलग पहचान देना है, जो अक्सर नियामकीय निगरानी के बिना निवेश सलाह देते हैं। SEBI ने 2023 के परामर्श पत्र के बाद से फिनफ्लुएंसर्स से जुड़े नियामकीय ढांचे को क्रमशः कड़ा किया है।

राजस्थान के लिए यह नियमन महत्वपूर्ण है, क्योंकि जयपुर, जोधपुर और कोटा में खुदरा निवेशकों की अच्छी-खासी संख्या इक्विटी बाजारों में सक्रिय है। हिंदी भाषी बाजारों में सोशल मीडिया पर अपंजीकृत निवेश सलाह का फैलाव इस परिपत्र को राजस्थान के निवेशकों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक बनाता है।