इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत राष्ट्रीय ई-शासन प्रभाग (NeGD) ने 4 दिसंबर 2025 को DigiLocker प्लेटफ़ॉर्म पर 'पासपोर्ट सत्यापन रिकॉर्ड (PVR)' सुविधा शुरू की। यह सुविधा नागरिकों को पासपोर्ट आवेदनों की पुलिस सत्यापन प्रक्रिया के दौरान भौतिक दस्तावेजों की आवश्यकता समाप्त करते हुए अपने पासपोर्ट सत्यापन रिकॉर्ड डिजिटल रूप से देखने और संग्रहित करने की सुविधा देती है। 2015 में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत शुरू हुए DigiLocker के 30 करोड़+ पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं और 2,400+ जारीकर्ताओं के 700+ करोड़ दस्तावेज संग्रहित हैं। PVR एकीकरण पासपोर्ट जारी करने के कार्यप्रवाह को डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल विदेश मंत्रालय के e-पासपोर्ट कार्यक्रम (चिप एम्बेडेड पासपोर्ट) और व्यापक डिजिटल इंडिया ढाँचे के अनुरूप है। राजस्थान में डोमिसाइल प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र और जन आधार कार्ड DigiLocker पर उपलब्ध हैं।
DigiLocker में 'पासपोर्ट सत्यापन रिकॉर्ड' सुविधा जोड़ी गई; राष्ट्रीय ई-शासन प्रभाग ने डिजिटल दस्तावेज़ पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत राष्ट्रीय ई-शासन प्रभाग (NeGD) ने 4 दिसंबर 2025 को DigiLocker प्लेटफ़ॉर्म पर 'पासपोर्ट सत्यापन रिकॉर्ड (PVR)' सुविधा शुरू की। इस सुविधा से नागरिक पासपोर्ट आवेदन के पुलिस सत्यापन के दौरान भौतिक दस्तावेजों की जरूरत के बिना अपने पासपोर्ट सत्यापन रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से देख और सुरक्षित रख सकते हैं। 2015 में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत शुरू हुए DigiLocker के 30 करोड़+ पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं और इस पर 2,400+ जारीकर्ताओं के 700+ करोड़ दस्तावेज संग्रहित हैं। PVR का एकीकरण पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल विदेश मंत्रालय के e-पासपोर्ट कार्यक्रम (चिप लगे पासपोर्ट) और व्यापक डिजिटल इंडिया ढाँचे के अनुरूप है। राजस्थान में डोमिसाइल प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र और जन आधार कार्ड DigiLocker पर उपलब्ध हैं।
मुख्य तथ्य
- NeGD ने 4 दिसंबर 2025 को DigiLocker पर पासपोर्ट सत्यापन रिकॉर्ड सुविधा शुरू की।
- इस सुविधा से नागरिक पासपोर्ट सत्यापन रिकॉर्ड डिजिटल रूप से देख और सुरक्षित रख सकते हैं।
- DigiLocker में 30 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं और 700+ करोड़ दस्तावेज़ संग्रहित हैं।
- PVR एकीकरण से प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होता है और पासपोर्ट सत्यापन में भ्रष्टाचार घटता है।
- DigiLocker की शुरुआत 2015 में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत हुई; तब इससे 2,400+ जारीकर्ता जुड़े थे।
- राजस्थान सरकार के मूल निवास और जाति प्रमाणपत्र सहित दस्तावेज़ DigiLocker पर उपलब्ध हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: डिजीलॉकर पर पासपोर्ट सत्यापन रिकॉर्ड का एकीकरण भारत के डिजिटल इंडिया ढांचे को किस प्रकार सुदृढ़ करता है तथा मध्यस्थ भ्रष्टाचार कम करता है, समझाइए।
उत्तर (50 शब्द):
4 दिसंबर 2025 को एमईआईटीवाई के अधीन राष्ट्रीय ई-शासन प्रभाग ने डिजीलॉकर पर पासपोर्ट सत्यापन रिकॉर्ड उपलब्ध कराना शुरू किया। डिजिटल इंडिया के तहत 2015 में शुरू डिजीलॉकर के 30 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं, 2,400 से अधिक जारीकर्ताओं के 700 करोड़ दस्तावेज़ हैं। यह पुलिस सत्यापन को डिजिटल बनाकर प्रक्रिया में लगने वाला समय और भ्रष्टाचार की आशंका घटाता है।
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दिसंबर 2025 में डिजिलॉकर में कौन सी नई सुविधा जोड़ी गई?
डिजिलॉकर ने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना के तहत पासपोर्ट सत्यापन रिकॉर्ड सुविधा जोड़ी।
स्रोत: PIB / MeitY
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिसंबर 2025 में DigiLocker पर शुरू की गई 'पासपोर्ट सत्यापन रिकॉर्ड' सुविधा क्या है?
पासपोर्ट सत्यापन रिकॉर्ड (PVR) सुविधा 4 दिसंबर 2025 को MeitY के अंतर्गत राष्ट्रीय ई-शासन प्रभाग (NeGD) ने DigiLocker पर शुरू की। इससे नागरिक पासपोर्ट आवेदन के पुलिस सत्यापन के दौरान भौतिक दस्तावेजों की जरूरत के बिना अपने पासपोर्ट सत्यापन रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से देख और संग्रहित कर सकते हैं।
DigiLocker पर PVR सुविधा किस मंत्रालय और प्रभाग ने शुरू की?
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत राष्ट्रीय ई-शासन प्रभाग (NeGD) ने 4 दिसंबर 2025 को DigiLocker पर पासपोर्ट सत्यापन रिकॉर्ड सुविधा शुरू की।
DigiLocker कब शुरू हुआ और इसके वर्तमान आँकड़े क्या हैं?
DigiLocker 2015 में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत शुरू हुआ। नवीनतम आँकड़ों के अनुसार इसमें 30 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं, 700 करोड़ से अधिक दस्तावेज़ संग्रहित हैं और 2,400 से अधिक जारीकर्ता शामिल हैं।
DigiLocker पर PVR सुविधा से पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले नागरिकों को क्या लाभ होता है?
PVR सुविधा रिकॉर्ड को डिजिटल बनाकर पासपोर्ट आवेदन की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम करती है और पुलिस सत्यापन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की संभावना घटाती है। साथ ही, इससे कागज़ी दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता भी समाप्त होती है।
DigiLocker पर राजस्थान से संबंधित कौन से दस्तावेज़ उपलब्ध हैं?
DigiLocker पर राजस्थान सरकार के मूल निवास प्रमाणपत्र और जाति प्रमाणपत्र सहित अन्य दस्तावेज़ उपलब्ध हैं। इससे नागरिक कागज़ी प्रतियाँ साथ ले जाए बिना विभिन्न सरकारी सेवाओं में इनका डिजिटल रूप से उपयोग कर सकते हैं।
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