प्रकाशित: 3 मार्च 2026समाचार स्रोतविज्ञान-प्रौद्योगिकी
BIS ने क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर और नैतिक AI परिनियोजन के लिए भारत के पहले मानक अधिसूचित किए
4–5 मार्च 2026 के आसपास, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने BIS नियम 2018 के तहत क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटरों के प्रदर्शन और नैतिक AI को लागू करने के लिए भारत के पहले मानक अधिसूचित किए। ये मानक ISO/IEC के अंतरराष्ट्रीय ढांचों से लिए गए हैं और फिलहाल स्वैच्छिक रूपरेखा के तौर पर लागू हैं — सरकार द्वारा गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCO) जारी करने पर ही ये अनिवार्य बनेंगे।
डेटा सेंटर के लिए मुख्य प्रदर्शन मापदंड तय किए गए हैं: पावर यूसेज इफेक्टिवनेस (PUE), कूलिंग एफिशिएंसी रेशियो (CER), वॉटर यूसेज इफेक्टिवनेस (WUE) और कार्बन यूसेज इफेक्टिवनेस (CUE) — ये वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त मानदंड हैं। भारत का लक्ष्य है कि 2025 में 1.5 GW की डेटा सेंटर क्षमता को 2030 तक 8–10 GW तक बढ़ाया जाए, और राष्ट्रीय बिजली खपत में डेटा सेंटरों का हिस्सा 0.8% से बढ़कर 3% हो जाएगा।
नैतिक AI के मामले में, ये मानक AI प्रणाली के डिजाइन और उसे लागू करने के चरणों में पारदर्शिता और पूर्वाग्रह कम करने की व्यवस्था को सीधे जोड़ते हैं। इनमें निष्पक्षता, गोपनीयता, मानव निगरानी और जवाबदेही जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
BIS ने मार्च 2026 में कौन से मानक अधिसूचित किए और किस अधिकार के तहत?
BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) ने 4–5 मार्च 2026 को BIS नियम 2018 के तहत क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर और नैतिक AI परिनियोजन के लिए भारत के पहले मानक अधिसूचित किए। ये मानक फिलहाल स्वैच्छिक हैं और ISO/IEC अंतरराष्ट्रीय ढांचों पर आधारित हैं।
डेटा सेंटर में PUE, CER, WUE और CUE मानदंड किसके लिए उपयोग होते हैं?
ये चार मानदंड डेटा सेंटर की दक्षता मापते हैं — PUE (कुल ऊर्जा दक्षता), CER (कार्बन उत्सर्जन अनुपात), WUE (जल उपयोग दक्षता) और CUE (CO₂ उत्सर्जन प्रति IT लोड)। इन्हें मानकीकृत करने से भारत के डेटा सेंटर क्षेत्र में बेंचमार्किंग और जवाबदेही संभव होती है।
BIS क्या है और भारत के मानक तंत्र में इसकी क्या भूमिका है?
BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अंतर्गत BIS अधिनियम 2016 द्वारा स्थापित भारत का राष्ट्रीय मानक निकाय है। यह विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादों, सेवाओं और प्रणालियों के मानक बनाता और बनाए रखता है — मानक अनिवार्य या स्वैच्छिक दोनों हो सकते हैं।
2030 तक भारत की डेटा सेंटर क्षमता का लक्ष्य क्या है?
भारत का लक्ष्य 2030 तक डेटा सेंटर क्षमता मौजूदा 1.5 GW से बढ़ाकर 8–10 GW करना है। यह वृद्धि क्लाउड के बढ़ते उपयोग, AI वर्कलोड, डिजिटल सरकारी सेवाओं और भारत में हाइपरस्केलर्स की बढ़ती उपस्थिति से जुड़ी है।
MANAV ढांचा क्या है और इसका BIS के नैतिक AI मानकों से क्या संबंध है?
MANAV (बहुआयामी AI मानदंड और मूल्य) भारत का नैतिक AI शासन ढांचा है, जिसे AI इम्पैक्ट समिट 2026 में लॉन्च किया गया। BIS के नैतिक AI मानक MANAV के सिद्धांतों के अनुरूप हैं, ताकि भारत में AI का उपयोग जवाबदेह, निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित रहे।