भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन, वर्टिस फाउंडेशन के सहयोग से भारत के राजमार्ग नेटवर्क से जुड़े ग्रामीण समुदायों में महिलाओं पर केंद्रित कौशल विकास पहल परियोजना सक्षम का विस्तार कर रहा है। 19 मई 2026 की ताजा कवरेज में इस कार्यक्रम के पैमाने और प्रभाव का उल्लेख किया गया। परियोजना सक्षम पूरे देश में 12 प्रशिक्षण केंद्रों से संचालित होती है और अब तक 6,000 से अधिक युवक एवं युवतियों को प्रशिक्षित कर चुकी है, जिनमें से 4,000 से अधिक लाभार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में रोज़गार मिला है। प्रशिक्षुओं में 80 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं। यह ग्रामीण महिलाओं और कम सुविधाएं पाने वाले युवाओं को उद्योग से जुड़े व्यावसायिक प्रशिक्षण, रोज़गार के रास्तों और दीर्घकालिक वित्तीय स्वतंत्रता से सशक्त बनाने के उद्देश्य के अनुरूप है। प्रतिभागियों को विद्युत कार्य, प्लंबिंग, उपकरण मरम्मत, सिलाई, नर्सिंग सहायता और बहु-कौशल तकनीशियन कार्यक्रमों सहित कई व्यावसायिक विषयों में प्रशिक्षित किया जाता है। प्रशिक्षित लाभार्थी 13,000 से 16,000 रुपये की औसत मासिक आय अर्जित कर रहे हैं, जो पहले की अनौपचारिक घरेलू आय की तुलना में सार्थक बढ़ोतरी है। परियोजना सक्षम को सामुदायिक जुड़ाव मॉडल के रूप में तैयार किया गया है, जिसमें क्षेत्रीय टीमें राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों के पास बसे ग्रामीण परिवारों के साथ काम करती हैं, ताकि सामाजिक-सांस्कृतिक बाधाएं कम हों और कुशल व्यवसायों में महिलाओं की पहली बार भागीदारी को प्रोत्साहन मिले। यह पहल लखपति दीदी लक्ष्य, पीएम विश्वकर्मा योजना और स्किल इंडिया डिजिटल हब की पूरक है, और बुनियादी ढांचा विकास में लैंगिक-समावेशी विकास को शामिल करती है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने मई 2026 में वर्टिस फाउंडेशन के साथ साझेदारी में पूरे देश में परियोजना सक्षम का विस्तार किया; 12 केंद्रों में 6,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया, जिनमें 80 प्रतिशत से अधिक महिला लाभार्थी प्लंबिंग, विद्युत कार्य, सिलाई और नर्सिंग सहायता में 13,000 से 16,000 रुपये की औसत मासिक आय अर्जित कर रही हैं
NHAI ने मई 2026 में वर्टिस फाउंडेशन के साथ परियोजना सक्षम का विस्तार किया। इसके तहत 12 केंद्रों पर 6,000 से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें 80 प्रतिशत महिला लाभार्थी हैं। विद्युत, प्लंबिंग, सिलाई और नर्सिंग सहायता जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण पाने वाले युवा 13,000-16,000 रुपये मासिक कमा रहे हैं और 4,000 से अधिक को नौकरियां मिल चुकी हैं।
मुख्य तथ्य
- NHAI ने मई 2026 में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों के आसपास बसे ग्रामीण समुदायों तक परियोजना सक्षम का विस्तार किया
- परियोजना 12 प्रशिक्षण केंद्रों से संचालित होती है और 6,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दे चुकी है
- 80 प्रतिशत से अधिक प्रशिक्षु और लाभार्थी महिलाएं हैं
- 4,000 से अधिक प्रशिक्षित लाभार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में रोज़गार मिला है
- प्रशिक्षित लाभार्थियों की औसत मासिक आय 13,000 से 16,000 रुपये है
- व्यावसायिक विषयों में विद्युत कार्य, प्लंबिंग, उपकरण मरम्मत, सिलाई, नर्सिंग सहायता और बहु-कौशल तकनीशियन कार्यक्रम शामिल हैं
- परियोजना सक्षम लखपति दीदी, पीएम विश्वकर्मा और स्किल इंडिया डिजिटल हब पहलों की पूरक है
6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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मई 2026 में विस्तारित परियोजना सक्षम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:\n1. परियोजना सक्षम एनएचएआई द्वारा वर्टिस फाउंडेशन के साथ साझेदारी में संचालित की जाती है।\n2. परियोजना सक्षम के तहत 80 प्रतिशत से अधिक प्रशिक्षु महिलाएं हैं।\n3. यह पहल कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जाती है, एनएचएआई द्वारा नहीं।\nऊपर दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
कथन 1 सही है: परियोजना सक्षम एनएचएआई द्वारा वर्टिस फाउंडेशन के साथ साझेदारी में कार्यान्वित की जाती है, जो राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल संग्रह से जुड़ी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी शाखा है। कथन 2 सही है: 80 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी महिलाएं हैं, जिसमें ग्रामीण महिलाओं को विशेष रूप से लक्षित किया जाता है। कथन 3 गलत है: परियोजना सक्षम सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन एनएचएआई द्वारा संचालित है, कौशल विकास मंत्रालय द्वारा नहीं। अतः केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
परियोजना सक्षम क्या है?
परियोजना सक्षम सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन NHAI की एक महिला-केंद्रित कौशल विकास पहल है, जो वर्टिस फाउंडेशन के साथ साझेदारी में राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों के आसपास के ग्रामीण युवाओं, खासकर महिलाओं को उद्योग की जरूरतों से जुड़े व्यवसायों में प्रशिक्षित करने के लिए चलाई जा रही है।
परियोजना सक्षम ने अब तक कितने लाभार्थियों को प्रशिक्षित किया है?
परियोजना सक्षम ने पूरे भारत में 12 केंद्रों में 6,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया है, जिनमें 80 प्रतिशत से अधिक महिला प्रशिक्षु हैं, और उनमें से 4,000 से अधिक को विभिन्न क्षेत्रों में रोज़गार मिला है।
किस प्रकार का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है?
प्रशिक्षुओं को स्थानीय नियोक्ताओं की मांग के अनुरूप तैयार किए गए विद्युत कार्य, प्लंबिंग, उपकरण मरम्मत, सिलाई, नर्सिंग सहायता और बहु-कौशल तकनीशियन कार्यक्रमों में प्रशिक्षण दिया जाता है।
लाभार्थियों की औसत आय कितनी है?
प्रशिक्षित लाभार्थी 13,000 से 16,000 रुपये की औसत मासिक आय अर्जित कर रहे हैं, जो अक्सर प्रशिक्षण से पहले की उनकी अनौपचारिक आय की तुलना में काफी अधिक है।
परियोजना सक्षम किन संबंधित सरकारी मिशनों की पूरक है?
यह लखपति दीदी के 3 करोड़ महिलाओं को कम से कम 1 लाख रुपये वार्षिक आय दिलाने के लक्ष्य, पारंपरिक कारीगरों के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना और ऑनलाइन व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए स्किल इंडिया डिजिटल हब का पूरक है।
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