प्रकाशित: 15 सितंबर 2025बिज़नेस स्टैंडर्डविज्ञान-प्रौद्योगिकी
फर्मियनआईसी और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने भारत का पहला स्वदेशी एक्स-बैंड बीमफॉर्मर आईसी पेश किया
बेंगलुरु स्थित FermionIC Design ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ साझेदारी में भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया 4-चैनल X-बैंड बीमफॉर्मर इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) रडार प्रणालियों के लिए तैयार किया। यह भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत भारत की सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
बीमफॉर्मर IC रक्षा और दूरसंचार में इस्तेमाल होने वाली उन्नत रडार प्रणालियों के लिए महत्वपूर्ण है। चिप भारत में डिजाइन की गई और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की सेमीकंडक्टर सुविधा में बनाई गई। यह उपलब्धि उच्च-मूल्य सेमीकंडक्टर डिजाइन और फैब्रिकेशन इकोसिस्टम में भारत की बढ़ती क्षमता को दिखाती है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: रडार आत्मनिर्भरता के लिए भारत सेमीकंडक्टर मिशन के अंतर्गत फर्मियनआईसी व टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा प्रदत्त भारत के पहले स्वदेशी 4-चैनल एक्स-बैंड बीमफॉर्मर आईसी के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
बेंगलुरु-स्थित फर्मियनआईसी डिज़ाइन ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ भारत सेमीकंडक्टर मिशन के अंतर्गत रडार के लिए भारत का पहला स्वदेशी 4-चैनल एक्स-बैंड बीमफॉर्मर एकीकृत परिपथ तैयार किया। रक्षा व दूरसंचार रडार के लिए अहम यह चिप देश में डिज़ाइन हुई और टाटा सुविधा में बनी। इससे सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता बढ़ती है और आयातित घटकों पर निर्भरता घटती है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फर्मियनआईसी और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की साझेदारी किस आईसी से जुड़ी है?
यह साझेदारी फर्मियनआईसी के स्वदेशी 4-चैनल एक्स-बैंड बीमफॉर्मर आईसी एफडी3आर4411 से जुड़ी है, जिसे अगली पीढ़ी के टीडीडी फेज्ड-ऐरे एंटीना अनुप्रयोगों के लिए विकसित किया गया है।
इस आईसी का उपयोग किन प्रणालियों में होता है?
स्रोत के अनुसार, इससे कॉम्पैक्ट और उच्च-प्रदर्शन वाली फेज्ड-ऐरे प्रणालियाँ बनाना संभव होता है तथा यह रेंजिंग रडार, इमेजिंग रडार और अगली पीढ़ी के निगरानी प्लेटफ़ॉर्म की जरूरतों को पूरा करता है।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की भूमिका क्या है?
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ओएसएटी साझेदार के रूप में फ्लिप-चिप बीजीए असेंबली, वेफर-स्तरीय परीक्षण और पोस्ट-सिलिकॉन सत्यापन उपलब्ध कराता है।
यह उपलब्धि भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह भारत के सेमीकंडक्टर डिजाइन नवोन्मेषकों और उन्नत विनिर्माण साझेदारों के बीच सहयोग को दिखाती है और स्वदेशी फेज्ड-ऐरे रडार समाधान विकसित करने की क्षमता बढ़ाती है।
उत्पादन की स्थिति क्या बताई गई है?
फर्मियनआईसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अनुसार, योजना थी कि इस जटिल आईसी को डिजाइन चरण से आगे बढ़ाकर 2025 की चौथी तिमाही में चरणबद्ध बड़े पैमाने पर उत्पादन तक पहुंचाया जाए।