राजस्थान ने अपने पहले और भारत के दूसरे अंतरराज्यीय बाघ स्थानांतरण की तैयारी की। नवंबर 2025 में राज्य की टीमें मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिज़र्व पहुँचीं, ताकि बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में स्थानांतरण के लिए एक बाघिन की पहचान की जा सके।

बाघिन PN-224 का पता लगाने के लिए 10-12 निगरानी दल और हाथियों के चार दस्ते तैनात किए गए। बाघिन को पहले रामगढ़ विषधारी के सॉफ्ट-रिलीज़ बाड़े में रखा जाना था, ताकि वह नए परिवेश, जलवायु और वहाँ उपलब्ध शिकार के अनुकूल हो सके। स्थानांतरण का उद्देश्य बाघों की संख्या बढ़ाना, आनुवंशिक विविधता को मज़बूत करना और राजस्थान के हाल में घोषित टाइगर रिज़र्व में पारिस्थितिक संतुलन बहाल करना था। दिसंबर 2025 में बाघिन PN-224 को भारतीय वायु सेना (IAF) के हेलीकॉप्टर से रामगढ़ विषधारी लाया गया।