NITI आयोग ने राष्ट्रीय प्रवासन सर्वेक्षण 2026 को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया है। 2007-08 के राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (NSSO) दौर के बाद यह भारत में आंतरिक प्रवासन पर पहला व्यापक सर्वेक्षण है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) इस सर्वेक्षण की नोडल कार्यान्वयन एजेंसी है।

भारत में अनुमानित रूप से लगभग 40 करोड़ आंतरिक प्रवासी हैं — यानी वे लोग जो रोजगार, शिक्षा, विवाह और पारिवारिक कारणों से देश के भीतर एक राज्य, जिले या क्षेत्र से दूसरे स्थान पर गए हैं। इतनी बड़ी आबादी के बावजूद, आंतरिक प्रवासियों से जुड़े डेटा और नीति ढाँचे काफी पुराने हैं; इसलिए यह नया सर्वेक्षण एक महत्वपूर्ण काम बन जाता है।

सार्वजनिक परामर्श चरण नवंबर 2025 में शुरू हुआ था, और विशेषज्ञों, सिविल सोसाइटी, राज्य सरकारों तथा आम जनता से सुझाव लेने की अंतिम तिथि 30 नवंबर रखी गई है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य प्रवासन के रुझानों, कारणों, गंतव्यों, प्रवासियों की सामाजिक-आर्थिक विशेषताओं और सरकारी सेवाओं तक उनकी पहुँच पर विस्तृत जानकारी एकत्र करना है।

राष्ट्रीय प्रवासन सर्वेक्षण 2026 के निष्कर्षों से शहरी नियोजन ढाँचे और श्रम गतिशीलता नीतियों को सीधे दिशा मिलने की उम्मीद है। इससे सामाजिक सुरक्षा लाभों की बेहतर पोर्टेबिलिटी तथा प्रवासी कामगारों के लिए स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा तक बेहतर पहुँच संभव होगी।