14 फरवरी 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹10,000 करोड़ के कुल कॉर्पस के साथ 'स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0' (FoF 2.0) को मंजूरी दी। यह डीप-टेक नवाचार, प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी-आधारित विनिर्माण उद्यमों पर केंद्रित है। यह दूसरा चरण 2016 में शुरू किए गए मूल स्टार्टअप इंडिया FoF पर आधारित है।

FoF 2.0 फंड-ऑफ-फंड्स मॉडल पर काम करेगा — सरकार स्टार्टअप में सीधे निवेश नहीं करेगी, बल्कि SEBI-पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोषों (AIFs) के ज़रिए पूंजी उपलब्ध कराएगी। प्रमुख डीप-टेक क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, उन्नत विनिर्माण, हरित प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष तकनीक शामिल हैं।

भारत में वर्तमान में 2 लाख से अधिक DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं, जिससे यह विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। राजस्थान के लिए यह योजना जयपुर के बढ़ते स्टार्टअप हब और राज्य की नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए मानव पूंजी निर्माण कार्यक्रमों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।