प्रकाशित: 30 जनवरी 2026शासन
अहमदाबाद अपराध शाखा आधार को पुलिस विश्लेषण, निगरानी एवं एकीकृत होटल सूचना प्रणाली (PATHIK) से जोड़ने वाली पहली कानून प्रवर्तन एजेंसी बनी
30 जनवरी 2026 को अहमदाबाद अपराध शाखा को भारत के पहले ऐसे कानून प्रवर्तन निकाय के रूप में मान्यता मिली, जिसने अपनी पुलिस विश्लेषण, निगरानी एवं एकीकृत होटल सूचना प्रणाली (PATHIK) में आधार सत्यापन जोड़कर ऑफलाइन सत्यापन का अनुरोध करने वाली संस्था (OVSE) का दर्जा पाया। इस प्रणाली से आधार-आधारित ऑफलाइन सत्यापन के ज़रिए होटल अतिथियों की पहचान तुरंत सत्यापित की जा सकती है।
PATHIK एक सॉफ्टवेयर प्रणाली है, जो अपराध, आतंकवाद और तस्करी रोकने के लिए होटलों में अतिथियों के पंजीकरण पर नज़र रखती है। आधार एकीकरण से पहचान-पत्र की हाथ से जाँच करने की ज़रूरत समाप्त होती है और लेखापरीक्षा के लिए डिजिटल रिकॉर्ड बनता है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार अधिनियम के प्रावधानों के तहत केंद्रीय डेटाबेस तक पहुँचे बिना ऑफलाइन सत्यापन के लिए OVSE का दर्जा दिया।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PATHIK प्रणाली क्या है और अहमदाबाद अपराध शाखा ने इसमें आधार को कैसे जोड़ा?
**पुलिस विश्लेषण, निगरानी एवं एकीकृत होटल सूचना प्रणाली (PATHIK)** एक सॉफ्टवेयर प्रणाली है, जो अपराध, आतंकवाद और तस्करी रोकने के लिए होटलों में अतिथियों के पंजीकरण पर नज़र रखती है। अहमदाबाद अपराध शाखा ने PATHIK में आधार-आधारित ऑफलाइन सत्यापन जोड़ा और **भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI)** से **ऑफलाइन सत्यापन का अनुरोध करने वाली संस्था (OVSE)** के रूप में मान्यता पाने वाली **भारत की पहली कानून प्रवर्तन संस्था** बनी।
आधार अधिनियम के तहत ऑफलाइन सत्यापन का अनुरोध करने वाली संस्था (OVSE) क्या होती है?
**ऑफलाइन सत्यापन का अनुरोध करने वाली संस्था (OVSE)** को **आधार अधिनियम** के तहत UIDAI के केंद्रीय डेटाबेस तक पहुँचे बिना आधार-आधारित **ऑफलाइन सत्यापन** करने की अनुमति होती है। सत्यापन **क्यूआर कोड या आधार की कागज़रहित ऑफलाइन ई-केवाईसी** से किया जाता है, जिससे गोपनीयता सुरक्षित रहती है और पहचान की पुष्टि तुरंत हो जाती है।
अहमदाबाद अपराध शाखा का आधार-PATHIK एकीकरण क्यों महत्वपूर्ण है?
**30 जनवरी 2026** को अहमदाबाद अपराध शाखा होटल निगरानी के लिए **भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) से OVSE के रूप में मान्यता पाने वाली भारत की पहली कानून प्रवर्तन एजेंसी** बनी। इस एकीकरण से होटल अतिथियों की आधार-आधारित पहचान तुरंत सत्यापित होती है, पहचान-पत्र की हाथ से जाँच करने की ज़रूरत समाप्त होती है और लेखापरीक्षा के लिए डिजिटल रिकॉर्ड बनता है, जिससे अपराध रोकने में मदद मिलती है।
आधार-PATHIK प्रणाली अहमदाबाद में अपराध रोकने में कैसे मदद करती है?
**आधार-PATHIK** एकीकरण से सभी होटल अतिथियों की पहचान तुरंत सत्यापित हो जाती है, जिससे संदिग्धों के लिए नकली पहचान-पत्र का उपयोग करना असंभव हो जाता है। लेखापरीक्षा के लिए बनने वाले डिजिटल रिकॉर्ड में आधार से पुष्टि की गई पहचान होटल में ठहरने के रिकॉर्ड से जुड़ती है। इससे पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों को जल्दी खोज सकती है, उनकी आवाजाही पर नज़र रख सकती है और **आतंकवाद, तस्करी तथा संगठित अपराध** रोक सकती है।
UIDAI क्या है और आधार-PATHIK होटल निगरानी प्रणाली में इसकी क्या भूमिका है?
**भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI)** **आधार अधिनियम, 2016** के तहत सांविधिक प्राधिकरण है, जो 140 करोड़ से अधिक भारतीयों का आधार बायोमेट्रिक डेटाबेस प्रबंधित करता है। PATHIK प्रणाली में UIDAI ने अहमदाबाद अपराध शाखा को **OVSE का दर्जा** दिया, जिससे वह UIDAI के सर्वर तक पहुँचे बिना होटल अतिथियों का आधार-आधारित ऑफलाइन केवाईसी सत्यापन कर सकती है।