रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 18-19 फरवरी 2026 को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में अगले 7 वर्षों में भारत में एआई कंप्यूटिंग का बुनियादी ढाँचा तैयार करने के लिए ₹10 लाख करोड़ (लगभग 110 अरब डॉलर) लगाने की योजना पेश की। इसे दुनिया में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी एआई निवेश योजना बताया गया है।

यह राशि गीगावाट स्तर के डेटा सेंटरों के निर्माण पर खर्च होगी। जामनगर, गुजरात में निर्माण पहले ही शुरू हो चुका है और 2026 की दूसरी छमाही तक 120 मेगावाट से अधिक क्षमता चालू होने की उम्मीद है। रिलायंस की योजना जियो के दूरसंचार नेटवर्क से जुड़ी एज कंप्यूटिंग व्यवस्था बनाने की है, ताकि देश के हर हिस्से तक कम देरी वाली एआई सेवाएँ पहुँच सकें। कंपनी भारतीय भाषाओं में भी एआई क्षमताएँ विकसित करेगी। अंबानी ने इसे ऐसी पूंजी बताया जिसे धैर्य और अनुशासन के साथ राष्ट्र-निर्माण में लगाया जाएगा।