4-5 अक्टूबर 2025 की रात मिरिक और दार्जिलिंग की पहाड़ियों में मूसलाधार बारिश से भीषण भूस्खलन हुए। इनमें बच्चों सहित कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई। अकेले कुर्सियांग में 4 से 5 अक्टूबर के बीच 393 मिमी की बेहद भारी बारिश दर्ज हुई। यह पिछले एक दशक की सबसे भीषण बारिशों में से एक थी।

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने 4 अक्टूबर को दोपहर लगभग 2:15 बजे दार्जिलिंग के लिए नारंगी स्तर की भूस्खलन चेतावनी जारी की थी। यह चेतावनी आपदा आने से कुछ घंटे पहले जारी हुई थी। घर बह गए, सड़कें बंद हो गईं, गाँवों का संपर्क कट गया और सैकड़ों पर्यटक फँस गए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़ितों के लिए मुआवज़े की घोषणा की और 6 अक्टूबर को उत्तर बंगाल जाने की योजना बनाई। दार्जिलिंग के स्कूल और कॉलेज सुरक्षा के लिए 8-10 अक्टूबर तक बंद रखे गए।