प्रकाशित: 9 सितंबर 2025समाचार स्रोतविज्ञान-प्रौद्योगिकी
सेना प्रमुख ने बताया: ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने व्हाट्सएप की जगह ‘सुरक्षित सैन्य मोबाइल भारत संस्करण’ (SAMBHAV) नाम के स्वदेशी फ़ोन इस्तेमाल किए
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 9 सितंबर 2025 को अखिल भारतीय प्रबंधन संघ के 52वें राष्ट्रीय प्रबंधन सम्मेलन में बताया कि भारतीय सेना ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान व्हाट्सएप की जगह ‘सुरक्षित सैन्य मोबाइल भारत संस्करण’ (SAMBHAV) नाम की स्वदेशी 5G-सक्षम सुरक्षित संचार प्रणाली का इस्तेमाल किया।
SAMBHAV में बहु-स्तरीय एन्क्रिप्शन और M-Sigma नाम का स्वदेशी मैसेजिंग ऐप है, जिससे दस्तावेज़, तस्वीरें और वीडियो सुरक्षित रूप से भेजे जा सकते हैं। जनवरी 2024 में पहली बार सामने लाई गई इस प्रणाली के लगभग 30,000 उपकरण अधिकारियों को जारी किए गए हैं। आधुनिक 5G तकनीक पर आधारित यह मोबाइल व्यवस्था शुरू से अंत तक संचार को सुरक्षित रखती है और सैन्य संचार में भारत को आत्मनिर्भर बनाती है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी SAMBHAV 5G फ़ोन अपनाए। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भर सुरक्षित संचार के रणनीतिक महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 9 सितंबर 2025 को बताया कि बहु-स्तरीय एन्क्रिप्शन और M-Sigma मैसेजिंग ऐप वाली स्वदेशी SAMBHAV 5G प्रणाली ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान व्हाट्सएप की जगह ली। लगभग 30,000 उपकरण अधिकारियों को जारी किए गए, जिससे विदेशी ऐप पर निर्भरता खत्म हुई और महत्वपूर्ण सैन्य संचार में आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा मिला।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
SAMBHAV फ़ोन क्या हैं और ऑपरेशन सिंदूर में इनका उपयोग कैसे किया गया?
**मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने व्हाट्सएप की जगह ‘सुरक्षित सैन्य मोबाइल भारत संस्करण’ (SAMBHAV) नाम की स्वदेशी 5G-सक्षम सुरक्षित संचार प्रणाली का इस्तेमाल किया।** अभियान के दौरान सुरक्षित सैन्य संचार के लिए SAMBHAV फ़ोन इस्तेमाल किए गए।
ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने व्हाट्सएप की जगह SAMBHAV क्यों अपनाया?
**SAMBHAV में बहु-स्तरीय एन्क्रिप्शन और M-Sigma नाम का स्वदेशी मैसेजिंग ऐप है, जिससे दस्तावेज़, तस्वीरें और वीडियो सुरक्षित रूप से भेजे जा सकते हैं।** यह शुरू से अंत तक एन्क्रिप्टेड और क्वांटम-सुरक्षित संचार देता है, जबकि व्यावसायिक ऐप पर भेजी गई सामग्री को बीच में पकड़ लिए जाने का खतरा रहता है।
ऑपरेशन सिंदूर क्या है और इसके सैन्य उद्देश्य क्या थे?
**SAMBHAV को जनवरी 2024 में पहली बार सामने लाया गया था और इसके लगभग 30,000 उपकरण अधिकारियों को जारी किए गए हैं।** ऑपरेशन सिंदूर आतंकी ढाँचे पर सटीक सैन्य हमलों का अभियान था।
स्वदेशी SAMBHAV सुरक्षित फ़ोन विकसित करने का क्या महत्व है?
**आधुनिक 5G तकनीक पर आधारित SAMBHAV की मोबाइल व्यवस्था शुरू से अंत तक संचार को सुरक्षित रखती है।** यह आत्मनिर्भर भारत के तहत रक्षा तकनीक में भारत की आत्मनिर्भरता को दिखाती है।
SAMBHAV को कहाँ विकसित किया गया और इसमें कौन-सी सुरक्षा तकनीक इस्तेमाल होती है?
**थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 9 सितंबर 2025 को अखिल भारतीय प्रबंधन संघ के 52वें राष्ट्रीय प्रबंधन सम्मेलन में इसकी जानकारी दी।** SAMBHAV को भारत में विकसित किया गया है और यह सुरक्षित सैन्य संचार के लिए क्वांटम-सुरक्षित एन्क्रिप्शन का उपयोग करता है।