30 दिसंबर 2025 की इस अपडेट में दिल्ली सरकार और IIT कानपुर की साझेदारी चर्चा में रही। उद्देश्य AI-आधारित शिकायत निगरानी सिस्टम विकसित करना है, ताकि सरकारी शिकायतों पर नज़र रखने और उनके निस्तारण की प्रक्रिया अधिक संगठित हो सके। यह सिस्टम सीपीग्राम्स और एलजी लिसनिंग पोस्ट जैसे अलग-अलग शिकायत पोर्टलों को एक ही डैशबोर्ड पर लाने की बात करता है। इससे अधिकारी अलग-अलग प्लेटफ़ॉर्म पर बिखरी शिकायतों को एक जगह देख सकेंगे और उनके पैटर्न को समझने में मदद मिलेगी।

मुख्य तकनीकी पक्ष AI और मशीन लर्निंग का उपयोग है। इनके ज़रिए शिकायतों के तेज निस्तारण, मूल-कारण विश्लेषण और अधिक पारदर्शिता पर ज़ोर दिया गया है। मूल-कारण विश्लेषण का अर्थ है कि केवल एक शिकायत बंद करने के बजाय यह समझना कि बार-बार आने वाली समस्या किस प्रशासनिक या सेवा-प्रणाली से जुड़ी है। परीक्षा में यह उदाहरण दिखाता है कि तकनीक का उपयोग शिकायतों की ट्रैकिंग, सेवा वितरण और नागरिक सेवाओं में जवाबदेही बढ़ाने के लिए कैसे किया जा सकता है। RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में इसे डिजिटल गवर्नेंस, ई-गवर्नेंस, सेवा वितरण, शिकायत निवारण और प्रशासन में डेटा-आधारित निर्णय से जोड़ा जा सकता है।

मुख्य परीक्षा में यह उदाहरण पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक-केंद्रित शासन पर लिखे जाने वाले उत्तरों में उपयोगी हो सकता है। प्रारंभिक परीक्षा में संभावित प्रश्न साझेदारी करने वाली संस्थाओं, सिस्टम के उद्देश्य, जोड़े जाने वाले पोर्टलों और AI और मशीन लर्निंग के उपयोग पर बन सकते हैं। स्टैटिक जीके से इसका संबंध ई-गवर्नेंस, डिजिटल गवर्नेंस जैसी शासन-थीम और नागरिक सेवाओं की निगरानी से है। इसकी मुख्य तथ्यात्मक बात यह है कि यह दिल्ली सरकार और IIT कानपुर की साझेदारी से जुड़ा AI-आधारित शिकायत निगरानी सिस्टम है, जिसका घोषित फोकस तेज निस्तारण, मूल-कारण विश्लेषण और पारदर्शिता है।