साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति श्री निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर 20 से 23 मई 2026 तक भारत की राजकीय यात्रा की। इस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक भागीदारी से रणनीतिक भागीदारी तक उन्नत किया। यह यात्रा विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह यूरोपीय संघ की परिषद की साइप्रस अध्यक्षता के दौरान हुई और प्रधानमंत्री मोदी की जून 2025 की निकोसिया यात्रा से बनी गति को आगे बढ़ाने वाली रही। 22 मई 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी एवं राष्ट्रपति क्रिस्टोडुलाइड्स ने अगले पाँच वर्षों में द्विपक्षीय निवेश को दोगुना करने के लक्ष्य के साथ अवसंरचना एवं शिपिंग में सहयोग बढ़ाने के लिए एक संयुक्त कार्य बल स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों पक्षों ने 2026-2031 का रक्षा सहयोग रोडमैप अपनाया, साइबर सुरक्षा संवाद और कांसुलर संवाद स्थापित किया तथा आतंकवाद-निरोध पर संयुक्त कार्य समूह की घोषणा की। राजनयिक प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा, सांस्कृतिक सहयोग, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी तथा खोज एवं बचाव पर तकनीकी व्यवस्था से जुड़े छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए। साइप्रस ने सुधारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अपना दृढ़ समर्थन दोहराया, तथा भारत ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के लिए समर्थन का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने राजनीतिक समानता के साथ द्विक्षेत्रीय, द्विसामुदायिक संघ के आधार पर साइप्रस प्रश्न के व्यापक, न्यायपूर्ण तथा स्थायी समाधान की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट किया।
भारत और साइप्रस ने 20 से 23 मई 2026 तक राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स की राजकीय यात्रा संपन्न की; दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक भागीदारी तक बढ़ाया, अवसंरचना और शिपिंग पर संयुक्त कार्य बल बनाया, 2026 से 2031 का रक्षा रोडमैप अपनाया, छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए, तथा साइप्रस ने भारत की स्थायी UNSC सदस्यता और IMEC कनेक्टिविटी गलियारे के लिए समर्थन दोहराया
साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स की भारत राजकीय यात्रा (20-23 मई 2026) के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक भागीदारी तक बढ़ाया गया, अवसंरचना एवं शिपिंग पर संयुक्त कार्य बल स्थापित किया गया, 2026-2031 रक्षा रोडमैप अपनाया गया, छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए तथा साइप्रस ने भारत की स्थायी UNSC सीट और IMEC के लिए समर्थन दोहराया।
मुख्य तथ्य
- प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स की भारत की राजकीय यात्रा 20-23 मई 2026 तक आयोजित हुई
- 22 मई 2026 को हैदराबाद हाउस में हुई वार्ता के दौरान द्विपक्षीय संबंधों का दर्जा व्यापक भागीदारी से बढ़ाकर रणनीतिक भागीदारी किया गया
- पाँच वर्षों में द्विपक्षीय निवेश को दोगुना करने के लक्ष्य के साथ अवसंरचना और नौवहन पर संयुक्त कार्य बल स्थापित किया गया
- 2026-2031 के लिए रक्षा सहयोग रोडमैप, साइबर सुरक्षा संवाद, कांसुलर संवाद तथा आतंकवाद-निरोध पर संयुक्त कार्य समूह की घोषणा
- राजनयिक प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा, सांस्कृतिक सहयोग, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी तथा खोज एवं बचाव पर तकनीकी व्यवस्था से जुड़े छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर
- साइप्रस ने सुधारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए दृढ़ समर्थन दोहराया तथा IMEC के अंतर्गत सहयोग का स्वागत किया
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साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स की भारत की राजकीय यात्रा (20-23 मई 2026) के दौरान भारत-साइप्रस संयुक्त वक्तव्य जारी हुआ। उसके संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत और साइप्रस ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक साझेदारी से बढ़ाकर रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया। 2. दोनों पक्षों ने 2026-2031 की अवधि के लिए रक्षा सहयोग रोडमैप अपनाया। 3. साइप्रस ने सुधारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता को दृढ़ समर्थन दोहराया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
तीनों कथन सही हैं। 20-23 मई 2026 तक साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स की भारत राजकीय यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने 22 मई 2026 को हैदराबाद हाउस में हुई वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक भागीदारी से रणनीतिक भागीदारी तक उन्नत किया। उन्होंने 2026-2031 के लिए रक्षा सहयोग रोडमैप भी अपनाया, साइबर सुरक्षा संवाद, कांसुलर संवाद तथा आतंकवाद-निरोध पर संयुक्त कार्य समूह स्थापित किया, और छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। वर्तमान में यूरोपीय संघ की परिषद की अध्यक्षता संभाल रहे साइप्रस ने भारत की स्थायी UNSC सदस्यता के लिए दृढ़ समर्थन दोहराया तथा भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के अंतर्गत सहयोग का स्वागत किया।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
साइप्रस के राष्ट्रपति की भारत राजकीय यात्रा की अवधि एवं महत्व क्या था?
साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स ने प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर 20 से 23 मई 2026 तक भारत की राजकीय यात्रा की। यह यात्रा महत्वपूर्ण थी क्योंकि यह यूरोपीय संघ की परिषद की साइप्रस अध्यक्षता के दौरान हुई और इससे भारत-साइप्रस संबंध रणनीतिक भागीदारी के स्तर पर पहुँचे।
IMEC क्या है तथा साइप्रस इसका कैसे समर्थन करता है?
IMEC का अर्थ है भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा। यह 2023 में G20 में घोषित एक कनेक्टिविटी पहल है, जो पश्चिम एशिया के ज़रिए भारत को EU से जोड़ती है। भारत, मध्य पूर्व और यूरोप के संगम पर स्थित EU सदस्य के रूप में साइप्रस ने IMEC के अंतर्गत सहयोग का समर्थन किया।
यात्रा के दौरान कितने समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए?
छह समझौता ज्ञापनों/समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इनमें राजनयिक प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा, सांस्कृतिक सहयोग, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी, आतंकवाद-निरोध पर संयुक्त कार्य समूह तथा खोज एवं बचाव पर तकनीकी व्यवस्था शामिल थे।
साइप्रस प्रश्न क्या है?
साइप्रस प्रश्न 1974 के तुर्की सैन्य हस्तक्षेप के बाद साइप्रस के विभाजन से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद को कहा जाता है। भारत संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के अनुरूप राजनीतिक समानता वाले द्विक्षेत्रीय, द्विसामुदायिक संघ के आधार पर व्यापक समाधान का समर्थन करता है।
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