8 अक्टूबर 2025 से करोड़ों भारतीय UPI उपयोगकर्ता पारंपरिक PIN के बजाय फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन से भुगतान की पुष्टि कर सकते हैं। ऑन-डिवाइस बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण स्मार्टफोन की इनबिल्ट सुरक्षा सुविधाओं का इस्तेमाल करता है, जो आधार प्रणाली से जुड़ी हैं।

शुरुआत में बायोमेट्रिक लेनदेन ₹5,000 तक सीमित हैं। बायोमेट्रिक डेटा उपयोगकर्ता के डिवाइस पर ही प्रोसेस होता है और NPCI या बैंकों के साथ साझा नहीं किया जाता। वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल 2025, मुंबई में इसका अनावरण किया। NPCI ने स्पष्ट किया कि यह सुविधा वैकल्पिक है।