प्रकाशित: 15 मार्च 2026RBI / LatestLY / bankingfinance.inअर्थव्यवस्था
RBI ने 6वें डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह के दौरान 'थोड़ा ध्यान से' अभियान शुरू किया
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 9–13 मार्च 2026 तक 6वां डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह (DPAW) आयोजित किया। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इस सप्ताह के दौरान 'थोड़ा ध्यान से' अभियान शुरू किया। DPAW 2026 का केंद्र भारत की शहरी और ग्रामीण आबादी के बीच डिजिटल भुगतान माध्यमों का सुरक्षित और ज़िम्मेदार उपयोग बढ़ाना था।
सप्ताह भर चली इस पहल में सोशल मीडिया, टेलीविजन और रेडियो पर उपयोगकर्ताओं को डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी, फ़िशिंग हमलों और UPI से जुड़ी धोखाधड़ी से बचने के बारे में जागरूक किया गया। यह अभियान पहले से चल रहे 'हर पेमेंट डिजिटल' मिशन के अनुरूप है, जो समाज के सभी वर्गों में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देता है।
अलग से, 25 सितंबर 2025 को जारी RBI के डिजिटल भुगतान लेनदेन प्रमाणीकरण निर्देश, 2025, निर्दिष्ट अपवादों के अधीन 1 अप्रैल 2026 से घरेलू डिजिटल भुगतान लेनदेन पर लागू होंगे।
राजस्थान में जन धन व्यवस्था के विस्तार के साथ डिजिटल भुगतान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और DPAW की पहल राज्य के 'डिजिटल राजस्थान' मिशन के अनुरूप है। वित्तीय साक्षरता पर RBI का ध्यान राजस्थान के अर्ध-शहरी जिलों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है, जहाँ मोबाइल बैंकिंग का प्रसार बढ़ रहा है, लेकिन धोखाधड़ी का जोखिम बना हुआ है।
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जुड़ा प्रश्नआसान
9-13 मार्च 2026 तक मनाए गए RBI के 6वें डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह के दौरान 'Awareness Program on Digital Payments' पायलट कार्यक्रम किसने शुरू किया?
व्याख्या · सही उत्तर DRBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 12 मार्च 2026 को 9-13 मार्च 2026 तक मनाए गए 6वें डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह के तहत 'Awareness Program on Digital Payments' पायलट कार्यक्रम शुरू किया। यह पायलट महाराष्ट्र में CSC e-Governance Services India Limited के साथ चलाया जाना था और इसका उद्देश्य ग्रामीण तथा अर्ध-शहरी प्रतिभागियों के लिए आमने-सामने जागरूकता कार्यक्रम कराना था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
'थोड़ा ध्यान से' अभियान क्या है और इसे किसने शुरू किया?
'थोड़ा ध्यान से' डिजिटल भुगतान सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान है, जिसे RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 9–13 मार्च 2026 को आयोजित 6वें डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह (DPAW) के दौरान शुरू किया। यह अभियान स्थानीय भाषाओं में सरल संदेशों के ज़रिए नागरिकों—खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लोगों—को डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी, फ़िशिंग, विशिंग और सुरक्षित लेनदेन के तरीकों के बारे में जागरूक करता है, ताकि वित्तीय साइबर अपराध कम हो।
RBI के डिजिटल भुगतान लेनदेन प्रमाणीकरण निर्देश क्या हैं और वे कब से लागू होंगे?
25 सितंबर 2025 को जारी RBI के डिजिटल भुगतान लेनदेन प्रमाणीकरण निर्देश, 2025, निर्दिष्ट अपवादों के अधीन 1 अप्रैल 2026 से घरेलू डिजिटल भुगतान लेनदेन पर लागू होंगे। दो-कारक प्रमाणीकरण (2FA) में उपयोगकर्ता को लेनदेन पूरा होने से पहले पासवर्ड और OTP जैसे दो स्वतंत्र माध्यमों से अपनी पहचान सत्यापित करनी होती है। इन प्रमाणीकरण उपायों का उद्देश्य अनधिकृत लेनदेन और वित्तीय धोखाधड़ी कम करना है।
'थोड़ा ध्यान से' अभियान का 'हर पेमेंट डिजिटल' मिशन से क्या संबंध है और इसके तहत कितने व्यापक स्तर पर जन-जागरण किया गया?
6वां डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह (DPAW) 9–13 मार्च 2026 को आयोजित हुआ। 'थोड़ा ध्यान से' अभियान पहले से चल रहे 'हर पेमेंट डिजिटल' मिशन के अनुरूप है और इस पहल के तहत बैंकों, भुगतान प्रणाली संचालकों तथा नागरिक समाज संगठनों के ज़रिए पूरे भारत में व्यापक जन-जागरण किया गया। DPAW RBI की वार्षिक पहल है, जिसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों में डिजिटल भुगतान सुविधाओं की पहुँच और उनके ज़िम्मेदार उपयोग को बढ़ाना है।
भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था का पैमाना क्या है और धोखाधड़ी की रोकथाम क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था में वित्त वर्ष 2024-25 में 16,000 करोड़ से अधिक लेनदेन हुए, जिनमें UPI का सबसे बड़ा योगदान रहा। लेनदेन की इतनी बड़ी संख्या साइबर अपराधियों को हमले के अधिक अवसर देती है। RBI के प्रमाणीकरण निर्देश और 'थोड़ा ध्यान से' अभियान उपयोगकर्ताओं की जागरूकता बढ़ाने तथा डिजिटल भुगतान व्यवस्था की सुरक्षा मजबूत करने के लिए हैं।
RBI किन डिजिटल भुगतान धोखाधड़ियों के बारे में सचेत करता है और नागरिक खुद को कैसे बचा सकते हैं?
RBI फ़िशिंग (बैंकों की नकल करने वाले फ़र्ज़ी ईमेल या संदेश), विशिंग (बैंक अधिकारी बनकर किए जाने वाले फ़ोन कॉल), SIM-स्वैप धोखाधड़ी, नकली QR कोड और UPI हैंडल स्पूफ़िंग से सावधान करता है। बचाव के लिए किसी के साथ OTP या PIN साझा न करें, बैंक कर्मचारी के साथ भी नहीं; QR कोड स्कैन करने से पहले जाँच करें; केवल आधिकारिक बैंक ऐप का उपयोग करें; लेनदेन अलर्ट चालू रखें; और संदिग्ध गतिविधि की सूचना अपने बैंक तथा साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर दें।