प्रकाशित: 14 मार्च 2026RBI / LatestLY / bankingfinance.inअर्थव्यवस्था
RBI ने 6वें डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह के दौरान 'थोड़ा ध्यान से' अभियान शुरू किया
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 9–13 मार्च 2026 तक 6वां डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह (DPAW) आयोजित किया। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इस अभियान का उद्घाटन किया। DPAW 2026 का विषय भारत की शहरी और ग्रामीण आबादी के बीच डिजिटल भुगतान माध्यमों को सुरक्षित और जिम्मेदारी से अपनाने पर केंद्रित था।
सप्ताह भर चलने वाली इस पहल के तहत, RBI ने 'थोड़ा ध्यान से' नामक एक नया मल्टीमीडिया जागरूकता अभियान शुरू किया। यह अभियान सोशल मीडिया, टेलीविजन और रेडियो प्लेटफ़ॉर्मों पर उपयोगकर्ताओं को डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी, फ़िशिंग हमलों और UPI स्कैम से बचने के बारे में सचेत करता है। RBI ने यह भी घोषणा की कि 1 अप्रैल 2026 से अधिक राशि वाले सभी डिजिटल लेनदेन के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य होगा।
राजस्थान में जन धन व्यवस्था से डिजिटल भुगतान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। DPAW पहल राज्य के 'डिजिटल राजस्थान' मिशन के अनुरूप है। RBI का वित्तीय साक्षरता पर ध्यान राजस्थान के अर्ध-शहरी जिलों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है।
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जुड़ा प्रश्नआसान
9-13 मार्च 2026 तक मनाए गए RBI के 6वें डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह के दौरान 'Awareness Program on Digital Payments' पायलट कार्यक्रम किसने शुरू किया?
व्याख्या · सही उत्तर DRBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 12 मार्च 2026 को 9-13 मार्च 2026 तक मनाए गए 6वें डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह के तहत 'Awareness Program on Digital Payments' पायलट कार्यक्रम शुरू किया। यह पायलट महाराष्ट्र में CSC e-Governance Services India Limited के साथ चलाया जाना था और इसका उद्देश्य ग्रामीण तथा अर्ध-शहरी प्रतिभागियों के लिए आमने-सामने जागरूकता कार्यक्रम कराना था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
'थोड़ा ध्यान से' अभियान क्या है और इसे किसने शुरू किया?
'थोड़ा ध्यान से' डिजिटल भुगतान सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान है, जिसे RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 9–13 मार्च 2026 को आयोजित 6वें डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह (DPAW) के दौरान शुरू किया। यह अभियान स्थानीय भाषाओं में सरल संदेशों के जरिए नागरिकों — खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में — को डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी, फिशिंग, विशिंग और सुरक्षित लेनदेन के बारे में जागरूक करता है।
RBI ने टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन की क्या अनिवार्यता घोषित की और यह कब से लागू होगी?
RBI ने घोषणा की कि 1 अप्रैल 2026 से सभी बड़े मूल्य वाले डिजिटल लेनदेन के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य कर दिया जाएगा। 2FA में उपयोगकर्ता को लेनदेन पूरा करने से पहले दो स्वतंत्र माध्यमों से पहचान सत्यापित करनी होती है, जैसे पासवर्ड + OTP। यह कदम अनधिकृत लेनदेन और वित्तीय धोखाधड़ी कम करने के लिए है।
6वें डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह का विषय क्या था और इसका दायरा कितना बड़ा था?
9–13 मार्च 2026 को आयोजित 6वें डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह (DPAW) का विषय 'हर पेमेंट डिजिटल' था। इसमें बैंकों, भुगतान प्रणाली संचालकों और सिविल सोसाइटी संगठनों के जरिए पूरे भारत में व्यापक जन-जागरण किया गया। DPAW RBI की वार्षिक पहल है, जिसका उद्देश्य जनसंख्या के सभी वर्गों में डिजिटल भुगतान का जिम्मेदारी से उपयोग बढ़ाना है।
भारत के डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र का पैमाना क्या है और धोखाधड़ी रोकथाम क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत के डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र ने FY2025 में 16,000 करोड़ से अधिक लेनदेन निपटाए, जिसमें UPI का सबसे बड़ा योगदान है। लेनदेन की इतनी बड़ी संख्या साइबर अपराधियों के लिए बड़ा अवसर पैदा करती है। RBI के कदम — जैसे अनिवार्य 2FA और 'थोड़ा ध्यान से' अभियान — उपयोगकर्ता जागरूकता बढ़ाने और भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र की अखंडता की रक्षा के लिए हैं।
RBI किन डिजिटल भुगतान धोखाधड़ियों के बारे में सचेत करता है और नागरिक खुद को कैसे बचा सकते हैं?
RBI फिशिंग (बैंकों की नकल करने वाले फर्जी ईमेल या संदेश), विशिंग (बैंक अधिकारी बनकर फोन कॉल), SIM-स्वैप धोखाधड़ी, नकली QR कोड और UPI हैंडल स्पूफिंग से सावधान करता है। बचाव के लिए: किसी के साथ OTP या PIN साझा न करें (बैंक कर्मचारी को भी नहीं), QR कोड स्कैन करने से पहले जाँच करें, केवल आधिकारिक बैंक ऐप्स का उपयोग करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर दें।