25 मार्च 2026 को SEBI अध्यक्ष तुहिन कांता पांडेय ने गूगल के साथ साझेदारी की घोषणा की, ताकि SEBI नियमों का उल्लंघन करने वाले वित्तीय प्रभावकों ('फिनइन्फ्लुएंसर') की निगरानी और उनके विरुद्ध कार्रवाई में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपकरणों का उपयोग किया जा सके। SEBI ने गूगल से अनुरोध किया कि वह ऐसे उल्लंघनकर्ताओं की पहचान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रवर्तन तंत्र सक्रिय करे।

साथ ही SEBI ने 'सत्यापित ऐप लेबल' पहल शुरू की। इसके तहत नकली ट्रेडिंग ऐप्स से खुदरा निवेशकों को बचाने के लिए ऐप स्टोर और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर एक मानकीकृत सत्यापन बैज दिखाया जाएगा, जिससे असली SEBI-पंजीकृत संस्थाओं और फर्जी संस्थाओं में अंतर करना आसान होगा। SEBI ने पहले 1 लाख से अधिक भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट को चिह्नित किया था और 'SEBI चेक' व वैध UPI हैंडल जैसे उपकरण शुरू किए थे।

जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों में मोबाइल ट्रेडिंग ऐप्स के प्रसार से राजस्थान में खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ी है, इसलिए वित्तीय धोखाधड़ी की रोकथाम शासन की अहम प्राथमिकता बन गई है।