प्रकाशित: 30 सितंबर 2025पर्यावरण
सीपीसीबी: वित्त वर्ष 2024-25 में भारत में 13.98 लाख टन ई-कचरा पैदा हुआ
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने संसद में, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुमान के आधार पर, बताया कि भारत में वित्त वर्ष 2023-24 में 12,54,286.55 टन और वित्त वर्ष 2024-25 में 13,97,955.59 टन ई-कचरा उत्पन्न हुआ। एकत्र, अलग किए गए और पुनर्चक्रित या निपटाए गए ई-कचरे का अनुपात वित्त वर्ष 2023-24 में 61.94% से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 70.71% हुआ।
ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022 1 अप्रैल 2023 से लागू हैं। इनके तहत उत्पादकों, निर्माताओं, पुनर्चक्रणकर्ताओं और नवीनीकरणकर्ताओं को सीपीसीबी पोर्टल पर पंजीकरण करना होता है। पोर्टल विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व प्रमाणपत्रों के आदान-प्रदान, सत्यापन, लेखा-परीक्षा और उल्लंघन पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की व्यवस्था से जुड़ा है। 2025 में 22 लाख टन ई-कचरा, 65 शहरों का 60% योगदान, केवल 322 औपचारिक इकाइयाँ, आधे से अधिक ई-कचरे का अनौपचारिक श्रृंखलाओं में रहना और 76-80% श्रमिकों में क्रोनिक ब्रोंकाइटिस-अस्थमा जैसे पहले किए गए दावे वर्तमान अधिकृत सीपीसीबी/PIB आंकड़ों से समर्थित नहीं हैं और हटा दिए गए हैं।
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
फरवरी 2025 में रिपोर्ट किए गए CPCB आंकड़ों के अनुसार, भारत में कितने पंजीकृत ई-कचरा रिसाइकलर थे?
व्याख्या · सही उत्तर ACPCB के आंकड़ों पर आधारित सरकारी उत्तर के अनुसार 09 फरवरी 2025 तक भारत में 322 पंजीकृत ई-कचरा रिसाइकलर थे। उनकी वार्षिक प्रसंस्करण क्षमता 22,08,918.064 MT बताई गई थी। यहां प्रश्न पंजीकृत रिसाइकलर पर है; 72 पंजीकृत रिफर्बिशर अलग से बताए गए थे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सीपीसीबी के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने कितना ई-कचरा उत्पन्न किया?
सीपीसीबी ने वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का ई-कचरा 13,97,955.59 टन आँका; वित्त वर्ष 2023-24 का अनुमान 12,54,286.55 टन था।
ई-कचरे का कितने प्रतिशत वैज्ञानिक प्रसंस्करण हुआ?
जिस ई-कचरे को एकत्र कर विघटित किया गया और फिर पुनर्चक्रित या निपटाया गया, उसका अनुपात वित्त वर्ष 2023-24 में 61.94% से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 70.71% हो गया।
भारत में ई-कचरा प्रबंधन किन नियमों से होता है?
ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022, जो 1 अप्रैल 2023 से लागू हैं, ई-कचरा प्रबंधन और विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व से जुड़े दायित्वों को विनियमित करते हैं।
सीपीसीबी विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व पोर्टल कैसे काम करता है?
इस पोर्टल पर उत्पादकों, निर्माताओं, पुनर्चक्रणकर्ताओं और नवीनीकरणकर्ताओं को पंजीकरण करना होता है; यहीं प्रमाणपत्रों का आदान-प्रदान, अनुपालन रिटर्न, सत्यापन, लेखा-परीक्षा और पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया संचालित होती है।
क्या 22 लाख टन और 65 शहरों के आँकड़े विश्वसनीय हैं?
नहीं। ये आँकड़े तथा 322 इकाइयों, आधे से अधिक अनौपचारिक इकाइयों और 76-80% श्रमिक-स्वास्थ्य से जुड़े दावों को मौजूदा अधिकृत सीपीसीबी/PIB आंकड़ों का समर्थन नहीं मिलता, इसलिए इन्हें उद्धृत नहीं किया जाना चाहिए।