पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुमानों के आधार पर संसद को बताया कि भारत में वित्त वर्ष 2023-24 में 12,54,286.55 टन और वित्त वर्ष 2024-25 में 13,97,955.59 टन ई-कचरा पैदा हुआ। जिस ई-कचरे को एकत्र करके अलग-अलग किया गया और फिर पुनर्चक्रित या निपटाया गया, उसका अनुपात वित्त वर्ष 2023-24 के 61.94% से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 70.71% हो गया।

ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 1 अप्रैल 2023 से लागू हैं। इनके तहत उत्पादकों, निर्माताओं, पुनर्चक्रणकर्ताओं और नवीनीकरणकर्ताओं के लिए सीपीसीबी पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है। यह पोर्टल विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व प्रमाणपत्रों के आदान-प्रदान की सुविधा देता है और इसके ज़रिए सत्यापन, लेखा-परीक्षा तथा पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की व्यवस्था की गई है।