मार्च 2026 के आसपास जारी आईक्यूएयर 2025 विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट ने भारत को वार्षिक औसत PM2.5 सांद्रता के आधार पर विश्व का छठा सर्वाधिक प्रदूषित देश बताया। भारत का राष्ट्रीय औसत PM2.5 48.9 µg/m³ रहा — WHO के वार्षिक मानक 5 µg/m³ से लगभग 9.78 गुना अधिक — जो AQI 134 के बराबर है और 'संवेदनशील समूहों के लिए अस्वस्थ' श्रेणी में आता है।

दुनिया के केवल 14% शहर WHO के PM2.5 मानक को पूरा करते हैं, जबकि पिछले वर्ष यह आँकड़ा 17% था। विश्व के 25 सर्वाधिक प्रदूषित शहर दक्षिण एशिया (भारत, पाकिस्तान) और चीन में केंद्रित हैं।

राजस्थान का थार मरुस्थल क्षेत्रीय वायु प्रदूषण में बड़ा योगदान देता है। मरुस्थल की धूल-भरी आँधियाँ राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में PM2.5 स्तर बढ़ाती हैं। बीकानेर, कोटपूतली, जोधपुर और जयपुर जैसे शहर मरुस्थलीय धूल, वाहन उत्सर्जन और औद्योगिक गतिविधियों के कारण समय-समय पर भारत के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों की सूची में आते हैं।