प्रकाशित: 28 मार्च 2026IQAir / PR Newswireपर्यावरण
आईक्यूएयर विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2025: भारत 6वाँ सर्वाधिक प्रदूषित देश; राजस्थान के शहर भी सूची में
मार्च 2026 के आसपास जारी आईक्यूएयर 2025 विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट ने भारत को वार्षिक औसत PM2.5 सांद्रता के आधार पर विश्व का छठा सर्वाधिक प्रदूषित देश बताया। भारत का राष्ट्रीय औसत PM2.5 48.9 µg/m³ रहा — WHO के वार्षिक मानक 5 µg/m³ से लगभग 9.78 गुना अधिक — जो AQI 134 के बराबर है और 'संवेदनशील समूहों के लिए अस्वस्थ' श्रेणी में आता है।
दुनिया के केवल 14% शहर WHO के PM2.5 मानक को पूरा करते हैं, जबकि पिछले वर्ष यह आँकड़ा 17% था। विश्व के 25 सर्वाधिक प्रदूषित शहर दक्षिण एशिया (भारत, पाकिस्तान) और चीन में केंद्रित हैं।
राजस्थान का थार मरुस्थल क्षेत्रीय वायु प्रदूषण में बड़ा योगदान देता है। मरुस्थल की धूल-भरी आँधियाँ राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में PM2.5 स्तर बढ़ाती हैं। बीकानेर, कोटपूतली, जोधपुर और जयपुर जैसे शहर मरुस्थलीय धूल, वाहन उत्सर्जन और औद्योगिक गतिविधियों के कारण समय-समय पर भारत के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों की सूची में आते हैं।
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मार्च 2026 के आसपास जारी आईक्यूएयर 2025 विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट में भारत का स्थान क्या था?
व्याख्या · सही उत्तर BIQAir 2025 रिपोर्ट ने 48.9 माइक्रोग्राम/घनमीटर की वार्षिक औसत पीएम2.5 सांद्रता के आधार पर भारत को विश्व का छठा सबसे प्रदूषित देश बताया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आईक्यूएयर क्या है और 2025 की विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट में भारत की रैंक क्या है?
आईक्यूएयर स्विट्ज़रलैंड की वायु गुणवत्ता प्रौद्योगिकी कंपनी है, जो देशों और शहरों में PM2.5 सांद्रता के आधार पर वार्षिक विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट प्रकाशित करती है। मार्च 2026 में जारी 2025 रिपोर्ट में भारत वार्षिक औसत PM2.5 48.9 µg/m³ के साथ विश्व में 6वाँ सर्वाधिक प्रदूषित देश रहा।
PM2.5 क्या है और इसे मानव स्वास्थ्य के लिए सबसे खतरनाक वायु प्रदूषक क्यों माना जाता है?
PM2.5 वे सूक्ष्म कण हैं जिनका व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है। ये कण फेफड़ों की गहराई तक और फिर रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे श्वसन रोग, हृदय संबंधी समस्याएं और असमय मृत्यु का खतरा बढ़ता है। WHO की वार्षिक औसत सीमा 5 µg/m³ है; भारत का 48.9 µg/m³ स्तर इस सीमा से 9.78 गुना अधिक है।
वैश्विक प्रदूषण रैंकिंग में राजस्थान के कौन से शहर आते हैं और वहाँ PM2.5 अधिक क्यों है?
भिवाड़ी (अलवर जिला) और जयपुर वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में नियमित रूप से शामिल रहते हैं। इसके अलावा, बीकानेर, जोधपुर और जयपुर में थार मरुस्थल से आने वाली धूल भरी आंधियाँ और उड़ती रेत PM2.5 बढ़ाती हैं — यह पश्चिमी राजस्थान में वायु प्रदूषण का एक प्रमुख प्राकृतिक कारण है।
आईक्यूएयर 2025 रिपोर्ट के अनुसार विश्व के कितने प्रतिशत शहर WHO वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा करते हैं?
मार्च 2026 में जारी आईक्यूएयर 2025 विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट के अनुसार विश्व के केवल 14% शहर WHO वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा करते हैं। इससे साफ होता है कि वायु प्रदूषण दुनिया भर में फैला संकट है, जो केवल विकासशील देशों तक सीमित नहीं है।
भारत और राजस्थान में वायु प्रदूषण से निपटने की प्रमुख सरकारी योजनाएं कौन सी हैं?
राष्ट्रीय स्तर पर, राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) का लक्ष्य 2026 तक PM10 स्तरों में 40% तक कमी करना है (आधार वर्ष 2017)। NCAP में 131 गैर-प्राप्ति शहर चिह्नित हैं, जिन्हें शहर कार्य योजना प्रस्तुत करनी है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण की निगरानी करता है, जिसके दायरे में राजस्थान का अलवर जिला भी शामिल है।