चिप्स टू स्टार्टअप (C2S) कार्यक्रम के तहत छात्रों द्वारा डिज़ाइन किए गए 56 अर्धचालक चिप्स बनाए गए और 75 से अधिक पेटेंट दायर किए गए। यह भारत की बढ़ती स्वदेशी चिप डिज़ाइन क्षमता को रेखांकित करता है। यह कार्यक्रम चिप निर्माण से जुड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देता है और भारत की अर्धचालक आत्मनिर्भरता रणनीति का प्रमुख अंग है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं IT मंत्रालय के तहत C2S IIT, IISc और अन्य प्रमुख संस्थानों में पूर्ण-स्टैक चिप डिज़ाइन का प्रशिक्षण देता है। यह इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा है। राजस्थान कैबिनेट द्वारा मंजूर नई सेमीकंडक्टर नीति के साथ, राज्य का लक्ष्य फैबलेस डिज़ाइन फर्मों और सेमीकंडक्टर पार्कों को आकर्षित करना है।