केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घोषणा की कि IMD मिशन मौसम के तहत जम्मू-कश्मीर में 4 अतिरिक्त रडार लगाएगा। ये पहले से चालू 3 रडारों के अलावा होंगे। इसका मकसद बादल फटने, तूफान और भारी बारिश जैसी घटनाओं की जिला-स्तरीय अगाऊ चेतावनी देने वाले सबसे घने मौसम निगरानी नेटवर्कों में से एक तैयार करना है। मिशन मौसम भू-विज्ञान मंत्रालय के तहत ₹2,000 करोड़ के परिव्यय वाली दो वर्षीय पहल है। डॉ. सिंह ने उत्तर भारत के मौसम से प्रभावित इलाकों के लिए अलग से जिलावार पूर्वानुमान तैयार करने का निर्देश दिया।
IMD जम्मू-कश्मीर में मिशन मौसम के तहत 4 अतिरिक्त रडार लगाएगा
IMD मिशन मौसम के तहत जम्मू-कश्मीर में जिला-स्तरीय मौसम चेतावनी के लिए 4 और रडार लगाएगा।
मुख्य तथ्य
- IMD मिशन मौसम के तहत जम्मू-कश्मीर में चार अतिरिक्त रडार स्थापित करेगा, जिन्हें पहले से चालू तीन रडारों के साथ जोड़ा जाएगा।
- इस विस्तार का उद्देश्य बादल फटने, आंधी और भारी वर्षा के लिए जिला-स्तर पर शुरुआती चेतावनी देने वाला भारत के सबसे घने मौसम निगरानी नेटवर्कों में से एक बनाना है।
- मिशन मौसम पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत ₹2,000 करोड़ के परिव्यय के साथ एक दो वर्षीय पहल है, जिसे IMD, NCMRWF और IITM द्वारा कार्यान्वित किया जाता है।
- केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब सहित उत्तर भारत के मौसम से प्रभावित क्षेत्रों के लिए अलग से जिलेवार पूर्वानुमान विकसित करने का निर्देश दिया।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: मिशन मौसम के उद्देश्यों तथा जम्मू-कश्मीर में चार अतिरिक्त रडार स्थापित करने के आपदा तैयारी के लिए महत्व की चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने घोषणा की कि भारत मौसम विज्ञान विभाग जम्मू-कश्मीर में मिशन मौसम के तहत पहले से कार्यरत तीन रडार के अतिरिक्त चार और रडार लगाएगा। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की दो-वर्षीय पहल का परिव्यय 2,000 करोड़ रुपये है; विभाग और सहयोगी संस्थान जिला-स्तर पर बादल फटने और वर्षा की चेतावनियों को अधिक सटीक बनाने पर काम करेंगे।
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IMD मिशन मौसम के तहत जम्मू-कश्मीर में कितने अतिरिक्त रडार स्थापित करेगा?
IMD मिशन मौसम के तहत जम्मू-कश्मीर में चार अतिरिक्त रडार स्थापित करेगा, जो पहले से चालू तीन रडारों के अतिरिक्त होंगे। मिशन मौसम पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत ₹2,000 करोड़ के परिव्यय वाली दो वर्षीय पहल है।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मिशन मौसम क्या है और IMD जम्मू-कश्मीर में कितने अतिरिक्त रडार लगा रहा है?
**मिशन मौसम** मौसम पूर्वानुमान के बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण की भारत की पहल है। **IMD** **जम्मू-कश्मीर** में **4 अतिरिक्त डॉपलर मौसम रडार** लगा रहा है।
IMD क्या है और भारत में मौसम पूर्वानुमान में इसकी क्या भूमिका है?
**IMD (भारत मौसम विज्ञान विभाग)** 1875 में स्थापित भारत की राष्ट्रीय मौसम विज्ञान सेवा है, जो **पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय** के अंतर्गत कार्य करती है।
मौसम पूर्वानुमान के लिए डॉपलर मौसम रडार क्यों महत्वपूर्ण है?
**डॉपलर मौसम रडार** वास्तविक समय में **वर्षा की तीव्रता**, **तूफान की गति** और **चक्रवात तथा गरज-चमक वाली स्थितियों** जैसे गंभीर मौसम का पता लगा सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर में अतिरिक्त रडार लगाने का क्या महत्व है?
**जम्मू-कश्मीर** में भारी हिमपात, बादल फटना, अचानक बाढ़ और हिमस्खलन जैसी चरम मौसमी घटनाएँ होती हैं। अतिरिक्त रडार **प्रारंभिक चेतावनी** की क्षमता बेहतर करेंगे।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय क्या है और यह किन अन्य कार्यक्रमों का प्रबंधन करता है?
**पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय** IMD, **NCMRWF**, **INCOIS**, **NIOT** और भारत के **ध्रुवीय अनुसंधान** (अंटार्कटिक अभियान) का प्रबंधन करता है।
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