दीपावली 2025 से पहले CSIR-राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (NEERI) ने अपने पर्यावरण-अनुकूल 'ग्रीन पटाखों' को बढ़ावा दिया। सुरक्षित रासायनिक मिश्रणों के कारण ये पारंपरिक पटाखों की तुलना में PM2.5 उत्सर्जन 30-40% तक कम करते हैं। ये पटाखे ध्वनि और दृश्य प्रभाव लगभग वैसे ही रखते हैं, लेकिन एल्युमीनियम और बेरियम यौगिकों का उपयोग कम मात्रा में करते हैं।

सर्वोच्च न्यायालय ने त्योहारों के दौरान कई शहरों में केवल ग्रीन पटाखों के उपयोग का आदेश दिया था। ग्रीन पटाखों पर प्रमाणीकरण के लिए QR कोड होता है। राजस्थान में जयपुर जिला प्रशासन ने दीपावली रात्रि में निर्धारित घंटों के दौरान केवल ग्रीन पटाखों की अनुमति के आदेश जारी किए।