प्रकाशित: 21 नवंबर 2025टॉपिक
भारत की 29% आबादी प्रवासी; 89% ग्रामीण क्षेत्रों से, शहरी स्थिरता पर चिंता
22 नवंबर 2025 की यह समसामयिकी प्रवासन, ग्रामीण शिक्षा, स्थानीय रोजगार और शहरी स्थिरता से जुड़ी नीति-बहस को परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाती है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की 2020-21 प्रवासन रिपोर्ट के अनुसार, 2020-21 में भारत की अखिल भारतीय प्रवासन दर 28.9% थी। इसमें प्रवासी उस व्यक्ति को माना जाता है जिसका अंतिम सामान्य निवास स्थान वर्तमान गणना-स्थान से अलग है। इसलिए प्रवासन को केवल शहरों की समस्या या केवल रोजगार की घटना मानना सही नहीं है। इसमें विवाह, माता-पिता या परिवार के कमाऊ सदस्य के साथ स्थान बदलना, रोजगार और बेहतर रोजगार जैसे अलग-अलग कारण काम करते हैं।
सबसे जरूरी सुधार यह है कि 89% को सभी प्रवासियों का ग्रामीण मूल बताना आधिकारिक आंकड़े से पुष्ट नहीं होता। रिपोर्ट में 88.8% का आंकड़ा ग्रामीण क्षेत्रों में महिला प्रवासियों के अंतिम सामान्य निवास स्थान से जुड़ा है; इसे सभी प्रवासियों पर लागू नहीं किया जा सकता। यही तथ्य प्रीलिम्स में आंकड़ों की सटीक समझ और मुख्य परीक्षा में डेटा-आधारित उत्तर-लेखन, दोनों के लिए उपयोगी है। गलत सामान्यीकरण से निष्कर्ष भी गलत बन सकते हैं।
नीति-निर्माण में यह मुद्दा ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा, कौशल, स्थानीय रोजगार और शहरी स्थिरता को साथ पढ़ने में मदद करता है। यदि ग्रामीण शिक्षा और स्थानीय रोजगार तंत्र मजबूत होते हैं, तो युवाओं का मजबूरी वाला प्रवासन घट सकता है, वहीं बेहतर प्रवासन आंकड़े आवास, परिवहन, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सेवाओं की योजना बनाने में मदद कर सकते हैं। RAS/UPSC के लिए इसे जनसंख्या, शहरीकरण, समावेशी विकास, श्रम गतिशीलता और स्टैटिक जीके में प्रवासन की परिभाषा से जोड़कर पढ़ना चाहिए।
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6-अक्ष वर्गीकरण
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
PLFS 2020-21 के अनुसार भारत की अखिल भारतीय प्रवासन दर कितनी थी?
व्याख्या · सही उत्तर CPeriodic Labour Force Survey 2020-21 ने भारत की अखिल भारतीय प्रवासन दर 28.9% आंकी थी, जो लगभग 29% है। इसलिए दिए गए विकल्पों में 29% सही है। यह दर लिंग और ग्रामीण-शहरी क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग थी, लेकिन मुख्य अखिल भारतीय आंकड़ा 28.9% है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत की 2020-21 प्रवासन दर क्या थी?
मंत्रालय की 2020-21 प्रवासन रिपोर्ट के अनुसार, भारत की अखिल भारतीय प्रवासन दर 28.9% थी।
89% ग्रामीण मूल वाला दावा क्यों सावधानी से पढ़ना चाहिए?
आधिकारिक आंकड़े में 88.8% का संदर्भ ग्रामीण क्षेत्रों में महिला प्रवासियों के अंतिम सामान्य निवास स्थान से है। इसे सभी प्रवासियों के ग्रामीण मूल के रूप में सामान्यीकृत करना सही नहीं है।
प्रवासन के कारणों में लिंग-आधारित अंतर क्या दिखता है?
पीआईबी के अनुसार, महिला प्रवासियों में विवाह प्रमुख कारण है, जबकि पुरुषों में रोजगार या बेहतर रोजगार की तलाश महत्वपूर्ण कारण है।
यह विषय RAS/UPSC के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
इसे जनसंख्या, शहरीकरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, श्रम गतिशीलता, सामाजिक सुरक्षा और डेटा-आधारित मुख्य परीक्षा उत्तरों के उदाहरण के रूप में पढ़ा जा सकता है।
ग्रामीण शिक्षा और स्थानीय रोजगार तंत्र की भूमिका क्या है?
मजबूत ग्रामीण शिक्षा और स्थानीय रोजगार तंत्र युवाओं के मजबूरी वाले प्रवासन को कम कर सकते हैं और शहरों पर आवास, परिवहन तथा सेवाओं के दबाव को बेहतर ढंग से संभालने में मदद करते हैं।