मार्च 2026 में यह पुष्टि हुई कि भारत 29 शहरों में 1,143 किमी से अधिक परिचालन मेट्रो लाइनों के साथ विश्व का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क बन गया है। इस नेटवर्क में प्रतिदिन लगभग 1.15 करोड़ यात्री यात्राएं होती हैं। इसके अलावा लगभग 936 किमी मेट्रो लाइनें निर्माणाधीन हैं।

भारत का मेट्रो विस्तार 2014 में 5 शहरों से बढ़कर 2026 में 29 शहरों तक पहुंचा है। चीन विश्व का सबसे बड़ा और अमेरिका दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है। भारत अब जापान, फ्रांस और जर्मनी को पीछे छोड़ चुका है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) देश के सबसे लंबे एकल-शहर मेट्रो नेटवर्क का संचालन करती है।

नीति के दृष्टिकोण से इस विस्तार को स्मार्ट सिटीज मिशन, AMRUT (अटल मिशन फॉर रेजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) और मेट्रो रेल नीतियों से गति मिली है। मेट्रो विस्तार वाहन प्रदूषण कम करता है, सड़क जाम से राहत देता है और शहरी केंद्रों में आर्थिक उत्पादकता बढ़ाता है।

राजस्थान के संदर्भ में जयपुर मेट्रो — 2015 से परिचालित — पिंक सिटी के प्रमुख गलियारों को जोड़ती है। राज्य सरकार सीतापुरा और अंबाबाड़ी क्षेत्रों तक फेज 2 विस्तार पर काम कर रही है।