प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जनवरी 2026 को अपनी असम यात्रा के दौरान एनएच-715 पर 34.5 किमी लंबे काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखी। लगभग ₹6,950 करोड़ की इस परियोजना से वन्यजीव बिना रुकावट आवाजाही कर सकेंगे और राजमार्ग पर वाहनों के कारण उनकी मौतें कम होंगी। यह खासकर ब्रह्मपुत्र में हर साल आने वाली बाढ़ के समय उपयोगी होगा, जब वन्यजीवों को दूसरी जगह जाना पड़ता है।

यह कॉरिडोर काजीरंगा के बाढ़ के मैदानों और कार्बी आंगलोंग पहाड़ियों के बीच पारिस्थितिक संपर्क बहाल करेगा। इसके साथ 30.22 किमी मौजूदा सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा और बोकाखात व जखलाबंधा के पास 2 किमी लंबे फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। यह भारत की सबसे महत्वाकांक्षी वन्यजीव-अनुकूल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है और राष्ट्रीय राजमार्गों पर मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने की एक मिसाल भी है।