भारत के उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने 20 अप्रैल 2026 को श्रीलंका की अपनी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा संपन्न की, जो किसी भारतीय उपराष्ट्रपति की द्वीप राष्ट्र की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। वे एक मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल एवं संसद सदस्यों के साथ गए तथा राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके एवं प्रधानमंत्री डॉ. हरिणी अमरसूर्या के साथ सारगर्भित बैठकें कीं, जिनमें भारत एवं श्रीलंका के गहरे सभ्यतागत बंधनों तथा चक्रवात दितवाह के बाद के नये विकास सहयोग पैकेज पर ध्यान केंद्रित रहा। यात्रा के दौरान कई ठोस परिणाम सामने आए। इनमें सबसे प्रमुख घोषणा सरलीकृत प्रलेखन के साथ छठी पीढ़ी तक भारतीय मूल के तमिलों के लिए विस्तारित प्रवासी भारतीय नागरिक पात्रता की थी, जिससे समुदाय की लंबे समय से चली आ रही माँग पूरी हुई। श्रीलंका औपचारिक रूप से अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट गठबंधन में शामिल हुआ, जो प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 2023 में सात बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण के लिए शुरू की गई भारत के नेतृत्व वाली पहल है। उपराष्ट्रपति ने अंतिम 145 घरों का आभासी उद्घाटन कर उन्हें लाभार्थियों को सौंपा। इससे भारतीय आवास परियोजना का तृतीय चरण पूरा हुआ, जिसके अंतर्गत बागान-संपदा तमिल श्रमिकों के लिए 4,000 घर निर्मित किए गए, जिससे आवास कार्यक्रम में कुल भारतीय प्रतिबद्धता लगभग 1,835 करोड़ रुपये तक पहुँच गई, जहाँ 50,000 घर पहले ही पूरे हो चुके हैं तथा 10,000 निर्माणाधीन हैं। भारत ने उत्तरी रेलवे लाइन की बहाली के लिए 50 लाख अमरीकी डॉलर अनुदान, तीन बेली ब्रिज, विस्तारित शैक्षिक एवं कल्याण ट्रस्ट छात्रवृत्ति योजना, पूर्वी प्रांत के लिए बहु-क्षेत्रीय अनुदान सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत छह प्राथमिकता परियोजनाओं पर एक समझौता ज्ञापन तथा मुलैतिवु जिला सामान्य अस्पताल में चार-मंजिला चिकित्सा वार्ड परिसर के लिए एक समझौता ज्ञापन की भी घोषणा की, साथ ही 45 करोड़ अमरीकी डॉलर के समग्र चक्रवात-पश्चात सहायता पैकेज की घोषणा की।