प्रकाशित: 30 नवंबर 2025Organiserशासन
HECI विधेयक 2025 (विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक) शीतकालीन सत्र के लिए सूचीबद्ध
केंद्रीय मंत्रिमंडल से अनुमोदित भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (HECI) विधेयक, 2025, जिसका नाम बदलकर विकसित भारत शिक्षा अधिक्षण विधेयक कर दिया गया है, शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध किया गया। विधेयक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE), और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) का विलय कर उच्च शिक्षा के सभी क्षेत्रों (चिकित्सा और कानूनी को छोड़कर) के लिए एक ही नियामक प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव रखता है।
HECI की संरचना चार स्तंभों पर आधारित होगी: राष्ट्रीय उच्च शिक्षा नियामक परिषद (NHERC), राष्ट्रीय प्रत्यायन परिषद (NAC), सामान्य शिक्षा परिषद (GEC), और उच्च शिक्षा अनुदान परिषद (HEGC)। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत एक प्रमुख सुधार है। मंजूरी मिलने पर HECI के 2026 के मध्य तक काम शुरू करने की उम्मीद है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत में उच्च शिक्षा विनियमन के लिए भारतीय उच्च शिक्षा आयोग विधेयक 2025 के तर्क और प्रस्तावित संरचना पर चर्चा कीजिए। (10 अंक)
उत्तर (50 शब्द):
विकसित भारत शिक्षा अधिक्षण नाम से पुनर्नामित यह विधेयक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद को मिलाकर एक नियामक बनाने का प्रस्ताव रखता है। इसमें विनियमन, प्रत्यायन, सामान्य शिक्षा और अनुदान के लिए चार अलग-अलग परिषदें होंगी। चिकित्सा एवं विधिक शिक्षा इसके दायरे से बाहर रहेगी।
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HECI विधेयक 2025, जिसे विकसित भारत शिक्षा अधिक्षण विधेयक नाम दिया गया, के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
व्याख्या · सही उत्तर Bकेंद्रीय मंत्रिमंडल से अनुमोदित भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (HECI) विधेयक, 2025 का नाम बदलकर विकसित भारत शिक्षा अधिक्षण विधेयक कर दिया गया है और इसे शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध किया गया।