केंद्रीय मत्स्य पालन राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने 31 अक्टूबर 2025 को कोच्चि स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान में राष्ट्रीय समुद्री मत्स्य जनगणना (MFC) 2025 के तहत परिवारों की गणना के चरण की शुरुआत 'स्मार्ट जनगणना, बेहतर मत्स्य पालन' नारे के साथ की। 3 नवंबर से 18 दिसंबर 2025 तक चलने वाली इस 45-दिवसीय राष्ट्रव्यापी जनगणना में 9 तटीय राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के 5,000 समुद्री मत्स्य ग्रामों के 12 लाख मछुआरा परिवार शामिल हैं।

MFC 2025 के डिजिटल तंत्र में व्यास-नैव, व्यास-भारत और व्यास-सूत्र शामिल हैं। इनकी मदद से ड्रोन तकनीक के सहयोग से वास्तविक समय में भू-संदर्भित गणना, सत्यापन और निगरानी की जाती है। मत्स्य पालन विभाग प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत यह जनगणना कराता है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान इसकी नोडल एजेंसी है और भारतीय मत्स्य सर्वेक्षण इसका परिचालन भागीदार है। डिजिटल पंजीकरण से प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) के लाभों तक पहुँच भी आसान होती है।