प्रकाशित: 13 फ़रवरी 2026DD Newsअर्थव्यवस्था
CCEA ने ब्रह्मपुत्र के नीचे भारत की पहली पानी के नीचे सड़क-रेल सुरंग ₹18,662 करोड़ में मंजूर की
PM मोदी की अध्यक्षता में CCEA ने 14 फरवरी 2026 को असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे ₹18,662 करोड़ की ट्विन-ट्यूब सड़क-रेल सुरंग को मंजूरी दी। 33.7 किमी की इस परियोजना में 15.79 किमी लंबी ट्विन-ट्यूब सुरंग होगी — भारत में पहली और विश्व में दूसरी ऐसी परियोजना।
यह सुरंग गोहपुर (NH-15) और नुमालीगढ़ (NH-715) को जोड़ेगी; दूरी 240 किमी से घटकर 34 किमी और यात्रा समय 6 घंटे से घटकर 20 मिनट रह जाएगा। एक ट्यूब सड़क यातायात के लिए और दूसरी रेल अवसंरचना के लिए होगी। CCEA ने दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक में 389 किमी रेलवे विस्तार के लिए ₹18,509 करोड़ भी मंजूर किए।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा अनुमोदित ब्रह्मपुत्र के नीचे अठारह हज़ार छह सौ बासठ करोड़ रुपये की सड़क-रेल सुरंग के रणनीतिक एवं आर्थिक महत्व का मूल्यांकन कीजिए। (10 अंक)
उत्तर (50 शब्द):
तैंतीस दशमलव सात किलोमीटर की परियोजना में पंद्रह दशमलव सात नौ किलोमीटर लंबी दोहरी नली सुरंग है, जो भारत की पहली और विश्व की दूसरी पानी के नीचे सड़क-रेल कड़ी है। गोहपुर-नुमालीगढ़ को जोड़कर यह दूरी दो सौ चालीस से चौंतीस किलोमीटर और यात्रा समय छह घंटे से बीस मिनट कर देगी; पूर्वोत्तर संपर्क सुदृढ़ होगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फरवरी 2026 में CCEA ने ब्रह्मपुत्र के लिए क्या मंजूरी दी?
**पीएम मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA)** ने **14 फरवरी 2026** को असम में **ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे ₹18,662 करोड़ की दोहरी-ट्यूब वाली सड़क-सह-रेल सुरंग** को मंजूरी दी। **33.7 किमी की परियोजना** में **15.79 किमी की दोहरी-ट्यूब सुरंग** शामिल है — भारत की पहली और विश्व में केवल दूसरी ऐसी परियोजना।
ब्रह्मपुत्र के नीचे बनी सुरंग किन शहरों को जोड़ती है?
सुरंग असम में **गोहपुर (NH-15)** और **नुमालीगढ़ (NH-715)** को जोड़ती है। इससे सड़क दूरी **240 किमी से घटकर 34 किमी** और यात्रा समय **6 घंटे से घटकर 20 मिनट** रह जाता है।
ब्रह्मपुत्र के नीचे बनी सुरंग परियोजना का रणनीतिक महत्व क्या है?
ब्रह्मपुत्र सुरंग **भारत के पूर्वोत्तर में संपर्क** के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है — इससे नागरिकों की आवाजाही बेहतर होगी, **सैन्य रसद** में मदद मिलेगी और बाढ़-प्रवण, भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र में कमजोर सतही बुनियादी ढांचे पर निर्भरता घटेगी।
2026 में मंजूर ब्रह्मपुत्र सुरंग परियोजना की कुल लंबाई क्या है?
परियोजना की कुल लंबाई **33.7 किमी** है, जिसमें ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे **15.79 किमी की दो ट्यूब वाली अंडरवाटर सुरंग** शामिल है। **14 फरवरी 2026** को CCEA ने इसे **₹18,662 करोड़** की लागत पर मंजूरी दी।
विश्व में ऐसी कितनी अंडरवाटर सड़क-रेल सुरंगें हैं?
भारत की ब्रह्मपुत्र अंडरवाटर सुरंग विश्व में केवल **दूसरी ऐसी परियोजना** है — इसलिए यह इंजीनियरिंग की एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जाएगी। यह भारत की पहली अंडरवाटर सुरंग होगी, जिसका उपयोग सड़क और रेल दोनों के लिए होगा।