प्रकाशित: 2 सितंबर 2025टॉपिक
सर्वोच्च न्यायालय ने राजस्थान में अवैध रेत खनन पर नोटिस जारी किए
सर्वोच्च न्यायालय ने राजस्थान की नदियों से बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध रेत खनन और उसके परिवहन के मामले में केंद्र और राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किए। खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत रेत को 'गौण खनिज' माना गया है।
न्यायालय ने कहा कि इससे नदी तलों का कटाव होता है, वहाँ के आवासों को नुकसान पहुँचता है, बाढ़ का जोखिम बढ़ता है, भूजल घटता है और जैव विविधता का ह्रास होता है। सतत रेत खनन प्रबंधन दिशानिर्देश, 2016 के तहत रेत खनन की सभी गतिविधियों के लिए पर्यावरण प्रभाव आकलन अनिवार्य है।
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Tलोक नीति एवं शिकायत निवारण
Tपर्यावरणीय एवं पारिस्थितिकीय परिवर्तन
Tखनिज
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान में अवैध रेत खनन पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कार्रवाई की?
**भारत के सर्वोच्च न्यायालय** ने **अवैध रेत खनन** के मामले में केंद्र, राजस्थान सरकार और संबंधित अधिकारियों को **नोटिस** जारी कर जवाब मांगा। न्यायालय ने पूछा कि बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं, क्योंकि इससे पर्यावरण को नुकसान और राजस्व की हानि हो रही थी।
राजस्थान में अवैध रेत खनन के पर्यावरणीय प्रभाव क्या हैं?
राजस्थान में **अवैध रेत खनन** से **नदी तल का क्षरण और अस्थिरता**, **जलीय पारिस्थितिकी तंत्र** को खतरा, **भूजल पुनर्भरण** में कमी, नदी का प्रवाह-पथ बदलने से **बाढ़ का बढ़ा जोखिम**, नदी किनारे की वनस्पति का विनाश तथा **वायु और जल प्रदूषण** होता है।
भारत में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में सर्वोच्च न्यायालय की क्या भूमिका है?
**सर्वोच्च न्यायालय** ने **वेल्लोर सिटिजन्स वेलफेयर फोरम मामले** (1996) जैसे ऐतिहासिक निर्णयों के ज़रिए भारत में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई है। इस मामले में **प्रदूषक भुगतान सिद्धांत** और **एहतियाती सिद्धांत** स्थापित किए गए। **राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT)** की स्थापना का एक उद्देश्य ऐसे पर्यावरणीय मामलों की सुनवाई करना भी था।
भारत में रेत खनन को नियंत्रित करने वाला कानूनी ढाँचा क्या है?
भारत में रेत खनन को **खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR अधिनियम)**, **पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986**, खान मंत्रालय की **रेत खनन रूपरेखा, 2018** और राज्यों के खनन नियम नियंत्रित करते हैं। खनिजों के विनियमन की निगरानी **खान मंत्रालय** करता है।
रेत खनन रूपरेखा, 2018 क्या है और यह अवैध खनन रोकने में कैसे मदद करती है?
**रेत खनन रूपरेखा, 2018** में रेत की सतत निकासी सुनिश्चित करने के लिए हर ज़िले में उपलब्ध रेत का **सर्वेक्षण**, रेत परिवहन की **ऑनलाइन निगरानी**, खनन वाहनों की **GPS निगरानी**, **शिकायत-निवारण पोर्टल** और हर साल **पुनर्भरण अध्ययन** अनिवार्य किए गए हैं।