नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने विद्युत अधिनियम 2003 के तहत 'केंद्र सरकार' का दर्जा मांगा है, जिससे उसे नवीकरणीय ऊर्जा नीति के कार्यान्वयन पर सीधे नियामक अधिकार मिलेंगे। वर्तमान में यह दर्जा विद्युत मंत्रालय के पास है। भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता 271.96 GW है — कुल स्थापित क्षमता 520.50 GW का लगभग 52% — जबकि देश 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन लक्ष्य की ओर काम कर रहा है। प्रस्ताव फरवरी 2026 में प्रस्तुत किया गया और मार्च में सार्वजनिक हुआ। मंजूर होने पर, टैरिफ निर्धारण, ग्रिड कनेक्टिविटी मानकों और नवीकरणीय ऊर्जा खरीद दायित्वों के क्षेत्रों में MNRE की भूमिका मजबूत होगी।
नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने विद्युत अधिनियम 2003 के तहत 'केंद्र सरकार' का दर्जा मांगा
MNRE ने विद्युत अधिनियम के तहत 'केंद्र सरकार' का दर्जा मांगा; भारत की गैर-जीवाश्म क्षमता 271.96 GW (52%)।
मुख्य तथ्य
- नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने विद्युत अधिनियम, 2003 के अंतर्गत 'केंद्र सरकार' के रूप में मान्यता प्राप्त करने की मांग की है।
- इससे MNRE को राज्यों की अनुमति के बिना सीधे नवीकरणीय ऊर्जा पारेषण परियोजनाएं शुरू करने का अधिकार मिल जाएगा।
- यह कदम 2030 तक 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लक्ष्य हासिल करने में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए उठाया गया है।
- वर्तमान में राज्यों की नीतिगत देरी के कारण ट्रांसमिशन लाइन परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
- नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक ₹25 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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CRS रिपोर्ट के अनुसार 2023 में भारत में कितने जन्म पंजीकृत हुए?
CRS रिपोर्ट 2023 के अनुसार भारत में 2.52 करोड़ जन्म पंजीकृत हुए। यह 2022 की तुलना में लगभग 2.32 लाख कम था, जबकि 2023 में 86.6 लाख मृत्यु पंजीकरण भी दर्ज किए गए।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) विद्युत अधिनियम 2003 के तहत केंद्र सरकार का दर्जा क्यों मांग रहा है?
**नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE)** ने **विद्युत अधिनियम 2003** के तहत **'केंद्र सरकार'** की मान्यता मांगी है ताकि नवीकरणीय ऊर्जा नीति कार्यान्वयन पर **सीधा नियामक अधिकार** प्राप्त हो सके। वर्तमान में यह पदनाम **विद्युत मंत्रालय** के पास है, जो टैरिफ निर्धारण और ग्रिड कनेक्टिविटी मानकों जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर MNRE के प्रत्यक्ष नियंत्रण को सीमित करता है।
भारत की वर्तमान गैर-जीवाश्म ईंधन स्थापित क्षमता क्या है और 2030 का लक्ष्य क्या है?
भारत की **गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता** वर्तमान में **271.96 GW** है, जो **कुल स्थापित क्षमता 520.50 GW का लगभग 52%** है। भारत **2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता** के लक्ष्य की ओर काम कर रहा है, जिससे MNRE का सशक्तिकरण इस लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
विद्युत अधिनियम 2003 के तहत केंद्र सरकार का दर्जा मिलने पर MNRE को कौन से नियामक अधिकार मिलेंगे?
**MNRE** का प्रस्ताव मंजूर होने पर मंत्रालय को निम्न क्षेत्रों में सीधा नियामक अधिकार मिलेगा: - नवीकरणीय ऊर्जा के लिए **टैरिफ निर्धारण** - नवीकरणीय परियोजनाओं के लिए **ग्रिड कनेक्टिविटी मानक** - **नवीकरणीय ऊर्जा खरीद दायित्व (RPO)** यह पहले **विद्युत मंत्रालय** द्वारा नियंत्रित क्षेत्रों में MNRE को महत्वपूर्ण रूप से सशक्त करेगा।
MNRE ने विद्युत अधिनियम 2003 के तहत केंद्र सरकार बनने का प्रस्ताव कब दिया?
**MNRE का प्रस्ताव**, जो **विद्युत अधिनियम 2003** के तहत **'केंद्र सरकार'** की मान्यता के लिए था, **फरवरी 2026** में प्रस्तुत किया गया और **मार्च 2026** में सार्वजनिक हुआ। मंजूर होने पर यह भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नियामक प्राधिकरण में एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा।
2026 तक भारत की कुल स्थापित विद्युत क्षमता में गैर-जीवाश्म ईंधन की हिस्सेदारी कितनी है?
**2026** तक, भारत की **गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता** कुल स्थापित क्षमता के लगभग **52%** तक पहुंच गई है — विशेष रूप से कुल **520.50 GW** की स्थापित क्षमता में से **271.96 GW**। यह मील का पत्थर भारत के **2030 तक 500 GW नवीकरणीय लक्ष्य** की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्शाता है।
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