'वनाग्नि के वैश्विक प्रबंधन को मजबूत करना' पर भारत का प्रस्ताव 7वीं संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा (UNEA-7) में अपनाया गया। इस प्रस्ताव का उद्देश्य देशों के बीच वनाग्नि प्रबंधन के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समन्वित कार्रवाई को मजबूत करना है।

भारत में वनाग्नि की घटनाएँ बढ़ रही हैं, खासकर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के सरिस्का तथा रणथंभौर क्षेत्रों में। प्रस्ताव में उपग्रह निगरानी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पूर्वानुमान से आग की शुरुआती पहचान के लिए प्रौद्योगिकी साझा करने, विकासशील देशों में क्षमता निर्माण करने तथा राष्ट्रीय जलवायु अनुकूलन योजनाओं में वनाग्नि प्रबंधन को शामिल करने का आह्वान किया गया है। UNEA पर्यावरण संबंधी निर्णय लेने वाली विश्व की सर्वोच्च संस्था है और संयुक्त राष्ट्र के सभी 193 सदस्य देश इसके सदस्य हैं।