रूस ने भारत के उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (AMCA) कार्यक्रम में सहयोग देने की इच्छा जताई है। इसके लिए उसने भारत में अपने पाँचवीं पीढ़ी के Su-57 स्टेल्थ लड़ाकू विमानों के स्थानीय उत्पादन की पेशकश की। Su-57 में स्टेल्थ क्षमता, सुपरक्रूज़, उन्नत एवियोनिक्स और सक्रिय इलेक्ट्रॉनिक स्कैन सरणी (AESA) रडार है।

यह पेशकश भारत-रूस रक्षा संबंधों में पारंपरिक खरीदार-विक्रेता व्यवस्था से सह-विकास और सह-उत्पादन की ओर महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है। यह मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्यों के अनुरूप है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के नेतृत्व में चल रहे भारत के AMCA कार्यक्रम का लक्ष्य दो इंजनों वाला, पाँचवीं पीढ़ी का बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान विकसित करना है। इसकी पहली उड़ान 2028-29 तक होने की उम्मीद है।